एप्पल न्यूज़, कुल्लू
श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 को लेकर श्रद्धालुओं की आस्था और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन कुल्लू ने यात्रा मार्ग की सुरक्षा का नए सिरे से आकलन करने का निर्णय लिया है। जिला दंडाधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा ने इस संबंध में एक उच्च स्तरीय संयुक्त निरीक्षण समिति का गठन किया है।
जारी आदेश के अनुसार, पर्वतारोहण संस्थान मनाली, राजस्व एवं वन विभाग की विशेषज्ञ टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में भीमद्वारी से पार्वती बाग के बीच का ट्रैक अत्यधिक खतरनाक और असुरक्षित पाए जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित किया गया था। बाद में विभिन्न धार्मिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों द्वारा यात्रा पुनः शुरू करने की मांग उठने पर प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण कराने का निर्णय लिया।
समिति की अध्यक्षता एसडीएम निरमंड करेंगे। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली के विशेषज्ञों के अलावा राजस्व विभाग, वन विभाग, श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट तथा श्रीखंड क्षेत्रीय संगठन चायल (जुआगी) के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।
समिति 18 जुलाई 2026 को भीमद्वारी से पार्वती बाग के बीच यात्रा मार्ग के सबसे संवेदनशील हिस्सों का विस्तृत भौतिक निरीक्षण करेगी और एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला दंडाधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट में यह भी आकलन किया जाएगा कि यात्रा के लिए कोई सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जा सकता है या नहीं।
यदि मार्ग सुरक्षित पाया जाता है तो समिति प्रतिदिन अनुमति प्राप्त तीर्थयात्रियों की अधिकतम संख्या, यात्रा की सुरक्षित अवधि, आवश्यक लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं तथा आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल पर भी अपनी स्पष्ट सिफारिशें देगी।
जिला दंडाधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा ने कहा कि तीर्थयात्रियों, स्वयंसेवकों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समिति की तकनीकी रिपोर्ट के साथ मौसम और भूस्खलन की स्थिति की समीक्षा के बाद ही यात्रा के संचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा एसडीएम निरमंड को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्ग पर पहले से अस्थायी कैंप स्थापित कर अपने टेंटों की पुनर्व्यवस्था करने वाले टेंट ऑपरेटरों को ही पास जारी किए जाएं।






