एप्पल न्यूज़, शिमला
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB), हिमाचल प्रदेश ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल के विरुद्ध सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में जांच के बाद एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई उनकी एक कंपनी के कर्मचारियों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई है, जो स्वयं भी कथित लाभार्थियों में शामिल बताए गए हैं।
SV&ACB के अनुसार, प्रारंभिक जांच में उपलब्ध अभिलेखों, लाभार्थियों के बैंक खातों, सरकारी दस्तावेजों तथा शिकायतकर्ताओं और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयानों का परीक्षण किया गया।

जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 और 2024 के दौरान विधायक ऐच्छिक निधि (MLA Discretionary Grant Scheme) के तहत कुछ व्यक्तियों के नाम पर वित्तीय सहायता स्वीकृत और जारी की गई, जबकि शिकायतकर्ताओं सहित कई लाभार्थियों ने दावा किया कि उन्होंने ऐसी किसी सहायता के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
जांच के दौरान संबंधित लाभार्थियों ने कथित रूप से यह भी बताया कि उनके बैंक खातों में राशि आने के बाद उसे नकद निकालकर पूर्व विधायक के निर्देशानुसार उन्हें सौंप दिया गया।
ब्यूरो का कहना है कि दस्तावेजी साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया गया तथा लाभार्थियों को स्वीकृत राशि का वास्तविक लाभ नहीं मिला।
इसी आधार पर भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत थाना SV&ACB, धर्मशाला में एफआईआर संख्या 05/2026 (दिनांक 16 जुलाई 2026) दर्ज कर विधिक जांच शुरू कर दी गई है।
SV&ACB ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्राप्त होने वाले साक्ष्यों के आधार पर अन्य व्यक्तियों की भूमिका तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम या अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत अतिरिक्त अपराधों की संभावना की भी जांच की जाएगी।
ब्यूरो ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित होगी तथा किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण केवल उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुरूप किया जाएगा। साथ ही SV&ACB ने दोहराया कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है और कानून के समक्ष सभी व्यक्ति समान हैं।







