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FRA के तहत वन भूमि का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया जारी, अगस्त से पट्टे नवंबर में होगा भव्य कार्यक्रम, जल्द करें ये काम…

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अगस्त से मिलना शुरू होंगे वन अधिकार पट्टेः जगत सिंह नेगी
जून माह में आमंत्रित किए जाएंगे दावे

अगस्त से पट्टे नवंबर में होगा वन अधिकार पट्टे वितरण समारोह

एप्पल न्यूज, शिमला

हिमाचल प्रदेश के राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने हाल ही में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में वर्ष 2025-26 के वन अधिकार अधिनियम (FRA-2006) के क्रियान्वयन कैलेंडर की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह अधिनियम वर्ष 2006 में केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार के कार्यकाल में पारित हुआ था और 1 जनवरी, 2008 से इसे लागू किया गया।

अधिनियम के तहत वे अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परंपरागत वनवासी समुदाय, जो 13 दिसंबर, 2005 से पहले कम से कम तीन पीढ़ियों से प्राथमिक रूप से वन भूमि पर निवास कर रहे हैं और अपनी आजीविका की आवश्यकताओं के लिए वन संसाधनों पर निर्भर हैं, उन्हें वन भूमि पर अधिकार दिए जाते हैं।

मंत्री नेगी ने बताया कि एफआरए कैलेंडर 2025-26 के अनुसार अप्रैल और मई माह में उप-मंडल, जिला और ग्राम स्तरीय समितियों के साथ-साथ वन, राजस्व एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को अधिनियम से संबंधित दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

इस दौरान व्यापक स्तर पर कार्यशालाएं व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि सभी संबंधित अधिकारी व कर्मचारी अधिनियम की प्रक्रिया और प्रावधानों को भली-भांति समझ सकें।

इसके पश्चात जून माह में ग्राम सभाओं द्वारा वन अधिकार संबंधी दावे आमंत्रित किए जाएंगे, जिन्हें वन अधिकार समितियों द्वारा प्राप्त किया जाएगा।

इन दावों की क्षेत्रीय जांच वन और राजस्व अधिकारियों द्वारा की जाएगी और अनुमोदन के लिए ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

जुलाई में उप-मंडल स्तरीय समिति द्वारा ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित दावों की समीक्षा की जाएगी, और अपूर्ण या त्रुटिपूर्ण दावों को सुधार के लिए पुनः ग्राम सभा को भेजा जाएगा।

योग्य पाए गए दावों को जिला स्तरीय समिति के पास भेजा जाएगा। अगस्त माह में राज्य स्तरीय निगरानी समिति द्वारा इन दावों की अंतिम जांच और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को वन अधिकार पट्टे जारी किए जाएंगे और उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।

सितंबर में नए अथवा लंबित दावों की पुनः जांच की जाएगी तथा सत्यापित दावों को राज्य स्तरीय समिति को भेजा जाएगा।

अक्टूबर में दूसरे चरण के दावों का परीक्षण और अनुमोदन किया जाएगा, जिन्हें फिर से जिला स्तरीय समिति को भेजा जाएगा।

अंततः नवंबर में शेष बचे हुए दावों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और एक भव्य समारोह में पात्र लाभार्थियों को वन अधिकार पट्टे वितरित किए जाएंगे

दिसंबर माह में पूरे वर्ष की गतिविधियों, लक्ष्यों, प्रशिक्षणों और कार्यशालाओं की समीक्षा की जाएगी, ताकि क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों और कमियों को चिन्हित कर उन्हें भविष्य में दूर किया जा सके।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम सभाएं वर्ष भर कभी भी दावे आमंत्रित कर सकती हैं और कोई भी पात्र व्यक्ति या समुदाय अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है।

उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही एफआरए ऐप और हेल्पलाइन नंबर भी लॉन्च करेगी, जिससे आम जनता को सहायता मिल सकेगी।

साथ ही कुछ विशिष्ट महीनों में एफआरए सप्ताह मनाया जाएगा ताकि दावों के सत्यापन और निस्तारण की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।

इस अवसर पर मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की, जिसमें पर्यटक मारे गए।

उन्होंने पर्यटकों की रक्षा करते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले सैयद आदिल हुसैन शाह की बहादुरी को सलाम किया और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।

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