एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश सरकार ने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि 25 सितंबर तक पंचायत चुनाव का आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया जाए। राज्य में दिसंबर माह में पंचायत चुनाव कराए जाने हैं।
इस बार चुनावों में 3,577 ग्राम पंचायतों, 91 पंचायत समिति वार्ड और 249 जिला परिषद वार्ड सदस्यों के लिए मतदान होगा। निर्वाचन आयोग ने कर्मचारियों और अधिकारियों का ड्यूटी रोस्टर तैयार करना शुरू कर दिया है, वहीं मतदाता सूचियों को भी अपडेट किया जा रहा है।

नया आरक्षण फार्मूला
SC/ST व महिला आरक्षण : 2011 की जनगणना पर आधारित।
OBC आरक्षण : 1993-94 के सर्वेक्षण के आधार पर।
प्रधान पद का आरक्षण : विकास खंड को इकाई मानकर तय किया जाएगा।
सरकार ने इस बार पंचायत चुनावों के लिए नया आरक्षण फार्मूला लागू करने के संकेत दिए हैं और उपायुक्तों को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
महिलाओं को मिलेगा आधा नेतृत्व
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50% आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके तहत 1,789 महिलाएं ग्राम पंचायत प्रधान के पद पर आसीन होंगी। पिछली बार 2020 के चुनाव में 1,808 महिलाओं को प्रधान पद की जिम्मेदारी मिली थी।
प्रदेश में पंचायतों की संख्या घटकर 3,577 रह गई है (पहले 3,615 थी)। नगर पंचायत बनने और नई ग्राम पंचायतों के गठन के कारण पंचायतों की संख्या में यह बदलाव हुआ है।
आरक्षण लागू करने के दौरान यदि किसी ब्लॉक में पंचायतों की संख्या विषम होगी तो 0.5 के फार्मूले के तहत अतिरिक्त प्रधान पद महिला श्रेणी में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, सामान्य सीटों पर भी महिलाएं चुनाव लड़ सकती हैं।
दिसंबर में होने वाले पंचायत चुनावों में महिला नेतृत्व की मजबूत भागीदारी देखने को मिलेगी, जिससे ग्रामीण विकास और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका और सशक्त होगी।







