एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। विधानसभा के भीतर और बाहर इस योजना पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पूर्व भाजपा सरकार पर “मर्दों के ओवरी ऑपरेशन” जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मोर्चा संभालते हुए तथ्यों के साथ जवाब दिया है।
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि हिमकेयर योजना में लगभग 400 बीमारियों के उपचार पैकेज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर मरीजों के इलाज में उपयोग होने वाली कुछ दवाएं तकनीकी रूप से “ओवरी डिजीज” पैकेज के अंतर्गत दर्ज हैं, जिसे मुख्यमंत्री ने गलत तरीके से समझ लिया।
उनके मुताबिक यह कोई “पुरुषों की बच्चेदानी की सर्जरी” का मामला नहीं, बल्कि मेडिकल टर्मिनोलॉजी की गलत व्याख्या है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर योजना को बदनाम कर रही है ताकि इसे बंद करने का रास्ता बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना को केवल राजनीतिक कारणों से खत्म करने की साजिश रची जा रही है, जबकि इससे लाखों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।
इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने घोटाले के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अलग-अलग मंचों पर 1100 करोड़, 100 करोड़ और 120 करोड़ रुपये के घोटाले की अलग-अलग बातें कर रहे हैं, जो खुद उनके दावों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाओं की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अस्पतालों में बुनियादी ढांचे की कमी बनी हुई है।
मेडिकल कॉलेजों के बजट को लेकर भी उन्होंने दावा किया कि जिस फंड का श्रेय राज्य सरकार ले रही है, वह केंद्र सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिला है।
कुल मिलाकर, हिमकेयर योजना अब स्वास्थ्य से ज्यादा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है, और आने वाले समय में इस पर टकराव और बढ़ने के आसार हैं।





