समग्र शिक्षा की बड़ी उपलब्धि:कोडावेर नेशनल्स में हिमाचल का परचम, जीएसएसएस (बॉयज़) मंडी ने नवाचार में दिखाया दम
कोडावेर 7.0 (इंडोनेशिया) के लिए चयन, वैश्विक स्तर पर चमकेगा हिमाचल का टैलेंट
मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और समग्र शिक्षा निदेशक ने दी शुभकामनाएं
एप्पल न्यूज़, शिमला/मंडी
समग्र शिक्षा के ‘इंस्पायरिंग क्रिएटिव माइंड्स (ICM)’ कार्यक्रम के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
जीएसएसएस (बॉयज़) मंडी के छात्रों ने बेंगलुरु में आयोजित कोडावेर नेशनल्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंडोनेशिया में होने वाली कोडावेर (Codeavour) 7.0 प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं।
इस उल्लेखनीय सफलता पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने विजेता टीम के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि यह टीम अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी नवाचारी सोच और तकनीकी दक्षता से देश व प्रदेश का नाम और ऊंचा करेगी।

‘इंस्पायरिंग क्रिएटिव माइंड्स (ICM)’ कार्यक्रम के माध्यम से समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग, रचनात्मकता, टीमवर्क और प्रभावी संवाद कौशल का समग्र विकास हो रहा है।
इसके जरिए स्कूली बच्चों को नवाचार के लिए प्रोत्साहित कर उन्हें पूरा सहयोग दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आज हिमाचल के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच
हिमाचल प्रदेश में समग्र शिक्षा के तहत आयोजित STEM प्रतियोगिताओं में एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया अपनाई गई।

इसकी शुरुआत विद्यालय स्तर से हुई, जिसके बाद जिला स्तर पर मूल्यांकन कर प्रत्येक जिले से श्रेष्ठ नवाचार मॉडल वाली टीमों का चयन किया गया। प्रदेश के सभी 12 जिलों से कुल 36 टीमों ने शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय STEM हैकाथॉन में भाग लिया।
इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष तीन टीमों—पीएम श्री जीएसएसएस रिकांग पियो (जिला किन्नौर), जीएसएसएस (बॉयज़) लालपानी (जिला शिमला) और जीएसएसएस (बॉयज़) मंडी—ने बेंगलुरु में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच हिमाचल के बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय कोडावेर में बनाई जगह
बेंगलुरु में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के सरकारी एवं निजी विद्यालयों की 225 से अधिक टीमों ने भाग लिया, जिनमें ट्रैक-1 (सीनियर श्रेणी) में 160 टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
इस प्रतिस्पर्धा से चयनित शीर्ष 50 टीमों को अंतरराष्ट्रीय कोडावेर 7.0 (इंडोनेशिया) में भाग लेने का अवसर मिला।
इन चयनित टीमों में हिमाचल प्रदेश के जीएसएसएस (बॉयज़) मंडी की टीम ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट “ऑटोमैटिक डैम गेट्स एंड मॉनिटरिंग सिस्टम” के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए “फ्यूचर शेपर” पुरस्कार हासिल किया।
नवाचारी सोच और तकनीकी दक्षता के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए विद्यार्थियों को तैयार कर रहा समग्र शिक्षा
इस अवसर पर राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा (IFS) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उन्होंने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता हिमाचल के स्कूली बच्चों की नवाचारी सोच, तकनीकी समझ और समर्पण का सशक्त उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा विद्यार्थियों को केवल पाठ्य-पुस्तक आधारित ज्ञान तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि उन्हें तकनीक-आधारित, अनुभवात्मक और समस्या-समाधान उन्मुख शिक्षा प्रदान की जा रही है।
यही दृष्टिकोण उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे मंच विद्यार्थियों में आत्मविश्वास को सुदृढ़ करते हुए उन्हें भविष्य में नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेंगे।
समग्र शिक्षा में STEM समन्वयक सोनिया शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार और समग्र शिक्षा निदेशक के मार्गदर्शन में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए निरंतर अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
यह उपलब्धि इन्हीं समर्पित प्रयासों का परिणाम है, जो आने वाले समय में प्रदेश के शिक्षा परिदृश्य को नई दिशा प्रदान करेगा।








