एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के तहत आज 26 मई को 1293 पंचायतों में मतदान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चरण में 23 हजार से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनके भविष्य का फैसला जनता के वोट से होगा।
पंचायत चुनाव को लेकर गांव-गांव में पिछले कई दिनों से चुनावी माहौल गर्म रहा। लाउडस्पीकरों से प्रचार का शोर थमने के बाद अब प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से अंतिम संपर्क कर रहे हैं। चौपालों से लेकर गलियों तक चुनावी चर्चाएं जारी हैं और अब मतदाता अपने फैसले की दहलीज पर खड़े हैं।

चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आयोग के निर्देशानुसार संबंधित पंचायत क्षेत्रों में शराब के ठेके रविवार शाम तीन बजे से बंद कर दिए गए हैं, जो मतदान समाप्ति के बाद ही खुलेंगे। साथ ही चुनावी प्रचार-प्रसार पर भी रोक लगा दी गई है।
मतदान दलों और चुनाव सामग्री को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की 1300 बसों की सेवाएं ली गई हैं। पहले चरण में 400 बसें चुनाव ड्यूटी पर तैनात की गई हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से निर्भय होकर मतदान करने की अपील की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं मतदाताओं को मतदान की अनुमति होगी, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। प्रदेशभर में कुल 21,678 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 16,539 सामान्य, 3,554 संवेदनशील और 1,585 अति संवेदनशील केंद्र शामिल हैं।
प्रदेश में प्रधान, उपप्रधान, पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों सहित कुल 31,182 पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान 86,204 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए थे, जिनमें से 10,854 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।






