एप्पल न्यूज़, शिमला
शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के समीप 13 जून 2026 को हुई श्रीमती मनीषा मित्तल की सनसनीखेज हत्या के मामले में जिला शिमला पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाले कथित मास्टरमाइंड हिमांक मित्तल और उसके साथी गोविंद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच के अनुसार, भाई ही अपनी बहन का हत्यारा निकला। अब इस मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, घटना के तुरंत बाद जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए, गवाहों से पूछताछ की गई तथा सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पता चला कि हत्या को अंजाम देने वाले आरोपी हरियाणा से सफेद स्विफ्ट कार में शिमला आए थे।

वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस ने महज 39 घंटे के भीतर रोहतक से दोनों शूटर आशीष अहलावत और दीपक को गिरफ्तार कर लिया था। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल दोनों पिस्तौल भी बरामद की गई थीं।
आगे की जांच में सामने आया कि मृतका मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद के साथ संपत्ति विवाद चल रहा था। जांच में पाया गया कि गोविंद ने वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार किराए पर लेकर शूटरों को उपलब्ध कराया था और आरोपी दीपक के खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए थे। घटना से पहले गोविंद, दीपक और आशीष की लोकेशन भी शिमला में मिली।
वारदात के बाद गोविंद फरार होकर विदेश चला गया और अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 28 जून को उसे रोहतक से गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय से चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिए गए गोविंद ने प्रारंभिक पूछताछ में मनीषा मित्तल की हत्या करवाने की बात स्वीकार की।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में 8.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि हिमांक मित्तल ही इस हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड था। उसने गोविंद के साथ मिलकर दोनों शूटरों दीपक और आशीष को हत्या के लिए नियुक्त किया था। इसके आधार पर पुलिस ने 29 जून को हिमांक मित्तल को भी रोहतक से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार प्रयासों के आधार पर इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया है। हालांकि, मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।






