एप्पल न्यूज़, शिमला
भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा जेन जी और छात्राओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कांग्रेस ने चौतरफा हमला बोला है। मंडी से सांसद कंगना के बयानों को बेहद शर्मनाक और अमर्यादित करार देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने सीधे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से सवाल पूछा है कि वे स्पष्ट करें कि क्या यह भाजपा का आधिकारिक (ऑफिशियल) स्टेटमेंट है। यदि नहीं, तो पार्टी उन पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई करे।
शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में राठौर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सांसद कंगना रनौत जो कहती है,उसका जवाब देना वह उचित नहीं समझते क्योंकि जिनती उनकी सोच है, उससे ज्यादा अपेक्षा उनसे नहीं की जा सकती है। राठौर ने कहा कि जनता ने उन्हें चुनकर संसद भेजा है। ऐसे में वे संसद में जो बोलती हैं या बयान देती हैं, उसे पूरा देश देखता है। चूंकि उनका नाता हिमाचल से है, इसलिए उनके इस तरह के शर्मनाक बयानों से देवभूमि की छवि सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
राठौर ने कहा कि कंगना ने जिस तरह आंदोलन कर रही देश की बच्चियों और छात्राओं के रंग-रूप, चरित्र और आचरण पर ओछी टिप्पणियां की हैं और उनके लिए गटर जैसे शब्दों का प्रयोग किया है, उससे हर किसी की बेटी और बहन के आत्मसम्मान को गहरा आघात पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि और महिला सांसद से ऐसी भाषा की कतई उम्मीद नहीं की जा सकती। राठौर ने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस बात का तुरंत स्पष्टीकरण दें कि क्या पार्टी सांसद कंगना के इन विचारों से सहमत है या नहीं। यदि यह पार्टी की सोच नहीं है, तो उन पर अब तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया।
राठौर ने कहा कि यदि भाजपा नेतृत्व स्थिति स्पष्ट नहीं करता तो देश की जनता यही समझेगी कि बच्चियों और युवाओं के प्रति यह अमर्यादित भाषा ही भाजपा की असल मानसिकता है। राठौर ने कहा कि नीट परीक्षा मं धांधलियों को लेकर छात्रों का जो आंदोलन हुआ, उसके बाद से केंद्र सरकार सकते में है। जो नेता अंहकार में ये कहती फिरते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते है लेकिन अब उसी सरकार को छात्रों और युवाओं के आगे झुकते हुए केंद्री य शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने को मजबूर होना पड़ा।
राठौर ने कहा कि केंद्र सरकार के अहंकार और संवेदनहीनता के कारण देश भर के युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि युवाओं और छात्रों का दमन जारी रहा, तो कांग्रेस मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगी और एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाती रहेगी।
आंदोलन को बदनाम करने की साजिश
राठौर ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल होने की बात सामने आ चुकी है। इसी तरह आंदोलन करने वाली छात्रों के साथ जिस तरह का दुर्व्यवहार हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा। बिहार में भी छात्रों को घरों से निकालकर पीटा गया। उन्होंने भाजपा पर आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से बदनाम करने और ‘डर्टी टेक्स्ट डिपार्टमेंट’ के जरिए सोशल मीडिया पर कीचड़ उछालने का आरोप लगाया।
अनुराग और नड्डा के रुख पर सवाल
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयान पर पलटवार करते हुए राठौर ने कहा कि राहुल गांधी खुद छात्रों के समर्थन में खड़े हुए थे, जबकि भाजपा इसे उकसाने का नाम दे रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जे.पी नड्डा के उस रुख पर भी सवाल उठाया, जिसमें एफ.आई.आर रद्द करने के लिए नीट पेपर का एडमिट कार्ड दिखाने की शर्त रखी गई है। राठौर ने कहा कि सरकार ने एक भी पुलिस अधिकारी या कर्मी पर कार्रवाई नहीं की






