रामपुर नगर परिषद के पिछले 5 वर्षों के कार्यों की होगी समीक्षा, अनियमितता मिली तो होगी जांच : करण शर्मा

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एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर

रामपुर बुशहर नगर परिषद में पहली बार भाजपा की सत्ता बनने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष करण शर्मा ने परिषद के पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल की व्यापक समीक्षा करवाने का निर्णय लिया है। समीक्षा के तहत नगर परिषद के आय-व्यय, विकास कार्यों, टेंडर प्रक्रिया, विभिन्न मदों में हुए खर्च और योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित रिकॉर्ड तलब कर जांच शुरू कर दी गई है।
करण शर्मा वार्ड नंबर-4 से पार्षद निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा और नगर परिषद अध्यक्ष पद की कमान संभाली। अध्यक्ष पद संभालते ही उन्होंने पिछले कार्यकाल में हुए विकास कार्यों और वित्तीय गतिविधियों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए रिकॉर्ड की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
करण शर्मा ने बताया कि नगर परिषद अधिकारियों से पिछले पांच वर्षों के दौरान जारी किए गए सभी टेंडरों, स्वीकृत विकास कार्यों, उनकी अनुमानित एवं वास्तविक लागत तथा वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि समीक्षा का उद्देश्य किसी व्यक्ति या पूर्व परिषद को निशाना बनाना नहीं, बल्कि नगर परिषद में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।


उन्होंने कहा कि यदि समीक्षा के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, नियमों की अनदेखी अथवा अन्य गंभीर गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। दोष सिद्ध होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गौरतलब है कि नगर पंचायत से नगर परिषद बनने के बाद रामपुर बुशहर में लंबे समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा है। हालिया चुनाव में नौ सदस्यीय नगर परिषद में कांग्रेस के पांच पार्षद निर्वाचित हुए थे, जबकि चार पार्षद कांग्रेस समर्थित माने जा रहे थे। हालांकि, करण शर्मा के भाजपा में शामिल होने के बाद नगर परिषद का राजनीतिक समीकरण बदल गया और पहली बार भाजपा को परिषद की कमान मिली।
अब पिछले पांच वर्षों के कार्यों की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट होगा कि परिषद के स्तर पर किन मामलों में सुधार की जरूरत है और आगामी समय में विकास कार्यों को लेकर क्या रणनीति अपनाई जाती है।
करण शर्मा ने कहा कि नई परिषद का मुख्य लक्ष्य शहर के विकास कार्यों को गति देना और जनता के विश्वास पर खरा उतरना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पहले यह जानना जरूरी है कि पिछले कार्यकाल में कौन-कौन से विकास कार्य हुए, किन योजनाओं पर कितना खर्च किया गया और उनकी गुणवत्ता एवं वर्तमान स्थिति क्या है। समीक्षा के आधार पर आगामी विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और शहर के विकास को गति देने के प्रयास किए जाएंगे।

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