सभी प्रदेशवासियों को.jpg
previous arrow
next arrow

विधानसभा सत्र के बीच विपक्षी विधायक को विजिलेंस मुख्यालय बुलाना अभूतपूर्व, जाँच से नहीं डरता हर सवाल क़ा जवाब मिलेगा – सुधीर शर्मा

8.6.26 SJVN CORP AD HINDI
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज़, शिमला

पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक सुधीर शर्मा शुक्रवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के शिमला स्थित मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ विधायक विपिन सिंह परमार, सतपाल सिंह सत्ती, बलबीर वर्मा, डॉ. जनक राज, इंद्रदत्त लखनपाल, राकेश जम्वाल और त्रिलोक जम्वाल समेत अन्य भाजपा विधायक भी उनके समर्थन में विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे।
विजिलेंस मुख्यालय पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में सुधीर शर्मा ने कहा कि वह कानून और जांच प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं तथा जांच एजेंसी द्वारा मांगी जा रही सभी जानकारियां और दस्तावेज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच में पहले भी पूरा सहयोग किया गया है और आगे भी सहयोग जारी रहेगा। उनके अनुसार, छिपाने के लिए कुछ नहीं है और जांच से जुड़े सभी सवालों का जवाब तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा।


विधानसभा सत्र के दौरान बुलाने पर सवाल
सुधीर शर्मा ने विधानसभा के मानसून सत्र के बीच उन्हें जांच के लिए बुलाए जाने पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान किसी विपक्षी विधायक को इस तरह जांच के लिए बुलाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक विधानसभा में रोजगार, विकास, आर्थिक स्थिति, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और जनता से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। ऐसे समय में विपक्षी विधायकों को जांच प्रक्रिया में उलझाना कई सवाल खड़े करता है।
धर्मशाला का मामला, शिमला बुलाने पर सवाल
सुधीर शर्मा ने कहा कि संबंधित मामला धर्मशाला से जुड़ा है और मामले से संबंधित दस्तावेज भी धर्मशाला में मौजूद हैं। ऐसे में उन्हें शिमला स्थित विजिलेंस मुख्यालय बुलाने की आवश्यकता और जल्दबाजी समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि जांच की एक निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मामला धर्मशाला का है और दस्तावेज भी वहीं हैं तो उन्हें शिमला क्यों बुलाया गया। उन्होंने जांच से जुड़ी सूचनाओं के सार्वजनिक होने के क्रम पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें पहला समन 12 तारीख को मिला, जबकि इसकी जानकारी 11 तारीख को ही मीडिया में पहुंच चुकी थी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा विधायक से संबंधित मामले में विधानसभा को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सूचित किया जाना चाहिए था। उनके अनुसार, वह 18 तारीख को संबंधित प्रक्रिया में उपस्थित हो चुके थे, जबकि विधानसभा को बाद में सूचित किया गया।
सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बिना तथ्यों के धारणा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने दी जानी चाहिए और वास्तविक तथ्य सामने आने चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विधानसभा में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जांच अथवा किसी अन्य कार्रवाई से डराया या चुप नहीं कराया जा सकता।
सुधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा विधायक एकजुट हैं और विधानसभा के भीतर तथा बाहर जनता की आवाज मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार जितना विपक्ष को दबाने का प्रयास करेगी, विपक्ष उतनी ही मजबूती से जनहित के मुद्दे उठाएगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पूरी तस्वीर और सभी तथ्य प्रदेश की जनता के सामने होंगे।

Share from A4appleNews:

Next Post

SV&ACB मुख्यालय शिमला में पेश हुए BJP विधायक सुधीर शर्मा, प्रश्नों के दिए टालमटोल जवाब, दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए मांगा समय

Fri Aug 21 , 2026
एप्पल न्यूज़, शिमला धर्मशाला पुलिस थाना SV&ACB में दर्ज एफआईआर संख्या 0006/2026 से संबंधित कथित आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के सिलसिले में विधायक सुधीर शर्मा शुक्रवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) के शिमला स्थित मुख्यालय में पेश हुए। इस दौरान उनके साथ भाजपा के […]

You May Like

Breaking News