एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट की अध्यक्षता में विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के साथ बैठक. सामाजिक कार्यों में सहभागिता बढ़ाने पर जोर
जंगलों को आग से बचाने. नशा निवारण. शिक्षा. देव संस्कृति संरक्षण और आवारा पशुओं की समस्या पर हुई विस्तृत चर्चा
एप्पल न्यूज़, आनी/kullu
आनी उपमंडल को आदर्श उपमंडल बनाने और क्षेत्र में सामाजिक. शैक्षणिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को एसडीएम कार्यालय आनी में विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम आनी लक्ष्मण सिंह कनेट ने की। इसमें शिक्षा . खेल . पर्यावरण संरक्षण. नशा निवारण. स्वच्छता. आपदा प्रबंधन. जल शुद्धता तथा प्राचीन देव संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति. हिम रक्षक संस्था. हिम संस्कृति संस्था. युवा भारत. आदि शक्ति फाउंडेशन. प्रेस क्लब तथा ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों और अनुभवों को साझा किया तथा भविष्य में प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

सामाजिक बदलाव में एनजीओ की भूमिका अहम – एसडीएम
एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट ने विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक योगदान दे रहे संगठनों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आनी में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर जनहित के विभिन्न मुद्दों पर ठोस रणनीति तैयार करना बैठक का प्रमुख उद्देश्य है। प्रशासन और सामाजिक संगठनों के साझा प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन. पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों में सरकार. प्रशासन. मीडिया तथा गैर सरकारी संगठनों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने सभी संगठनों से जनहित के कार्यों में सहयोग बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
जंगलों को आग से बचाने के लिए बनेगी ठोस कार्ययोजना
बैठक में जंगलों में लगने वाली आग की समस्या पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। एसडीएम ने कहा कि वन संपदा और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। इसके लिए वन विभाग. पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा की गई। इस संबंध में जल्द ही एक अलग बैठक आयोजित करने की बात भी कही गई. ताकि जंगलों को आग से बचाने और लोगों को जागरूक करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें।
स्कूलों और पंचायतों में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम*
एसडीएम ने शिक्षा. नशा निवारण. पर्यावरण संरक्षण और करियर काउंसलिंग जैसे विषयों पर स्कूलों तथा पंचायत स्तर पर एनजीओ के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा भी साझा की। उन्होंने सभी संगठनों से इन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
उनके नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान “जान है तो जहान है” के तहत पर्यावरण संरक्षण. नशा निवारण. करियर काउंसलिंग. देव परंपरा एवं संस्कृति संरक्षण तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने जैसे विषयों पर कार्य किया जा रहा है। अब इन प्रयासों को विभिन्न संगठनों के सहयोग से और अधिक गति देने पर जोर दिया जा रहा है. ताकि आनी उपमंडल को एक आदर्श उपमंडल के रूप में विकसित किया जा सके।
आदर्श पंचायतों के निर्माण पर भी होगा काम*
बैठक में पंचायतों को आदर्श बनाने के उद्देश्य से भी विचार-विमर्श किया गया। इस दिशा में पंचायतों के साथ मिलकर निर्धारित किए जाने वाले मापदंडों के आधार पर आगामी रणनीति तैयार करने पर सहमति जताई गई। गांवों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने की जानकारी भी साझा की गई।
इन कार्यों में महिला मंडलों. युवक मंडलों. स्वयं सहायता समूहों और अन्य सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक में ग्रामीण स्तर पर जनसहभागिता बढ़ाने और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने पर भी बल दिया गया।
देव संस्कृति और प्राचीन परंपराओं के संरक्षण पर जोर
आनी क्षेत्र की समृद्ध देव संस्कृति और प्राचीन रीति-रिवाजों को संरक्षित रखने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एसडीएम ने सभी संस्थाओं से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
इस उद्देश्य से देवी-देवताओं के कारदारों के साथ आगामी बैठक आयोजित करने की बात कही गई। साथ ही मेला समितियों, देव समाज. महिला मंडलों और संस्कृति संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं से व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया गया।
आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या पर भी मंथन
बैठक में आनी बाजार और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं की समस्या पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से सर्दियों के दौरान पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करवाने के संभावित उपायों पर विचार किया गया।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र में कुत्तों के बढ़ते आतंक का मुद्दा भी उठाया गया। इस संबंध में बताया गया कि पशुपालन विभाग की ओर से कुत्तों का टीकाकरण किया जा रहा है। समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों और अन्य पक्षों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
बैठक में हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति एवं हिम रक्षक संस्था के अध्यक्ष अमर चंद चौहान. हिम संस्कृति संस्था के अध्यक्ष शिव राज शर्मा. प्रेस क्लब अध्यक्ष हरिकृष्ण शर्मा. वरिष्ठ पत्रकार एवं आनी के वार्ड सदस्य छविंद्र शर्मा. हिम रक्षक संस्था के श्यामानंद. हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के दलीप वर्मा. आदि शक्ति फाउंडेशन के जोगिंदर सिंह तथा युवा भारत एवं ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवान राजा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



