एप्पल न्यूज़, संजीव कुमार मंडी
मंडी जनपद के बड़ा देव कमरूनाग का ऐतिहासिक सरानाहुली मेला श्रद्धा और उल्लास के साथ शांतिपूर्वक मनाया गया। देव कमरूनाग के दरबार में इस बार एक लाख से अधिक लोगों ने देव स्थल पहुंचकर शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
रविवार की छुट्टी और आषाढ़ साजे की पर्व बेला पर देवता में दरबार में सुबह पांच बजे से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

धार्मिक श्रद्धा और पर्यटन की दृष्टि से सरानाहुली मेले को लेकर कमरूनाग के मूल स्थान कमुराह में आस्था का सैलाब उमड़ गया।
कमरूनाग मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के जयकारों से भक्तिमय हो गया। देवता के लाठी कारदारों ने देव पूजा के लिए सुबह से ही तैयारियां कर ली थी।
जैसे देव पूजा का समय आया कमरुनाग देवता के गुर, कटवाल सहित अन्य कारदारों ने धुपबती कर काहूलियों की ध्वनि के साथ मूर्ति पूजन के बाद देव झील (सर) का विधिवत पूजन किया।

जिसके उपरान्त देव कमेटी की ओर से सदियों से चली आ रही रीति के अनुसार झील में बड़ा देव कमरुनाग के सुपुर्द सोना चांदी के जेवरों को अर्पित किया।
उसके बाद मेले में आए श्रद्धालुओं ने देवता की पवित्र झील में सोना, चांदी, सिक्के और नकदी भी अर्पण की।
देवता में आस्था रखने वाले अनेक लोगों ने देवता के दरबार में बकरे पहुंचाए और देवता को चढ़ाए। बताया जा रहा है कि पर्व के दौरान सौ से अधिक बच्चों के मुंडन संस्कार किए गए हैं।

कमरुनाग सरानाहुली मेले में मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, शिमला, कांगड़ा, हमीरपुर और पड़ोसी राज्यों के लोगों ने देवता के दरबार पहुंचकर शीश नवाया।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटी को देवता के दर्शन करवाने के लिए पुलिस की मदद का सहारा लेना पड़ा। मेले का नजारा देखने के लिए अनेक पर्यटक भी बड़ा देव कमरूनाग पहुंचे।
देव कमरूनाग मेले में सरोआ, रोहांडा, जाच्छ, धंग्यारा, मंडोगलू, शाला और करसोग घाटी के रास्ते देवता के भक्तों के जयकारों से गूंजायमान रहे। बड़ा देव की झील में सोना, चांदी, आभूषण और नोट अर्पण होने के कारण बाहरी राज्यों से आए पर्यटक देखते ही अचंभित रह गए।

श्रद्धालुओं की आस्था से झील ने दुल्हन का रूप ले लिया था। देवता के कटवाल काहन सिंह ठाकुर ने कहा कि इस बार देव कमरूनाग के सरानाहुली मेेले में करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के भाग लेने अनुमान जताया गया है।
उन्होंने बताया कि देवता मेला शांतिपूर्वक श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ है। एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट ने मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आभार जताया तथा मंदिर कमेटी को बधाई दी है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि मंदिर परिसर व आसपास के स्थानों पर स्वच्छता का खास ख्याल रखें ताकि धार्मिक स्थल की बर्चस्व कायम बना रहे।
थाना प्रभारी गोहर देव राज ने कहा है कि मेले में किसी भी प्रकार की कोई ऐसी घटना सामने नहीं आई है, जिससे शान्ति का माहौल बिगड़ा हो।







