IMG_20260124_200231
previous arrow
next arrow

आपदा के समय कांग्रेस सरकार की विश्वसनीयता हो चुकी है समाप्त, फील्ड स्टाफ तब तक नहीं हिलता जब तक विधायक फोन ना करे- रणधीर

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज, शिमला

भाजपा मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि आपदा के समय भले नुकसान छोटा हो पर गरीबों के लिए नुकसान ज्यादा ही होता है।

फील्ड स्टाफ का काम मौके पर जाना, नुकसान का जायजा लेना और फौरी राहत देना होता है पर जब तक एक विधायक फील्ड स्टाफ या पटवारी को फोन नहीं करता वह मौके पर नहीं जाते हैं, हम सरकार से निवेदन करते हैं कि आपदा के समय यह सभी प्रो एक्टिव होने चाहिए। 

रणधीर शर्मा ने सरकार की कार्य प्रणाली पर सवालिया चिन्ह उठाते हुए कहा आपदा के समय वर्तमान सरकार बचती दिखाई दी, उनके प्रतिनिधि कहते हैं कि बादल फटने का पता नहीं लगता। पर हम सरकार से सवाल करते हैं कि जुलाई, अगस्त और सितंबर में होने वाली बारिश का तो पता होता है।

आज से पहले सरकार ने कभी पूर्व एवं पूर्ण योजना पर काम किया ? यानी बरसात को लेकर किसी प्रकार की तैयारी बैठक का आयोजन किया गया और जैसे ही बरसात आई है तो भारी बाढ़ शुरू हो जाती है, इस बारे में चिंता करनी जरूरी है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि हम कमियां नहीं बताएंगे तो सुधार कैसे होगा आलोचना तो व्यवस्था तो एक भाग है अगर अच्छी सरकार चलानी है तो निंदा करने वालों को साथ रखना चाहिए।

आपदा के समय एक बात तो स्पष्ट रही की सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं है, शायद नुकसान विपक्ष के विधानसभा क्षेत्रों का हुआ है इसलिए सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई।

आपदा के समय राजस्व विभाग का बड़ा रोल होता है और राजस्व मंत्री के ब्यान स्पष्ट करते हैं कि वह इस आपदा के समय गंभीर नहीं थे, साथ ही लोक निर्माण विभाग भी एक महत्वपूर्ण मंत्रालय है।

संकट की घड़ी में विभाग मंत्री विक्रमादित्य ही आपदा के समय घूमने चले गए, हम पूछना चाहते हैं कि आपदा से महत्वपूर्ण कार्य क्या हो सकता है ? 

शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार की विश्वसनीयता समाप्त हो गई है और सरकार पर बड़े प्रश्न चिन्ह खड़े हो गए हैं। भाजपा के समय ठेकेदार कहते थे की जेसीबी लगा दो टेंडर का इंतजार मत करो पैसे तो आ ही जाएंगे, पर वर्तमान कांग्रेस के सरकार के समय यह हालत हो गई है कि टेंडर लगने के बाद भी ठेकेदार काम नहीं कर रहे। क्योंकि उनको अपने बिलों के भुगतान की चिंता है।

विश्वसनीयता समाप्त होने का एक और उदाहरण है कि हिमाचल की जनता मुख्यमंत्री राहत कोष में पैसे जमा नहीं करवा रही अपितु सीधा जाकर या नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के माध्यम से पीड़ितों को धनराशि प्राप्त करवा रही है। 

उन्होंने कहा कि सरकार में चलती गुटबाजी को लेकर भी जनता को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री की जिस मंत्री से नहीं बनती उसके विभाग को पैसा बजट प्रावधान में कटौती करने के बाद दिया जा रहा है, जिसकी वजह से आपका पीड़ितों को राहत पहुंचाने में कठिनाइयां आ रही है।

Share from A4appleNews:

Next Post

दिल्ली पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में बोले पठानियां, विधायी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के महानायक थे विठ्ठलभाई पटेल

Sun Aug 24 , 2025
एप्पल न्यूज, शिमला/नई दिल्ली   दिल्ली विधान सभा द्वारा 24 व 25 अगस्त को आयोजित दो दिवसीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के प्रथम दिन आज दिल्ली विधान मण्डल भवन के हॉल में “विठ्ठलभाई पटेल: भारत के संविधान और विधायी संस्थाओं को आकार देने में उनकी भूमिका” विषय पर बोलते हुए विधान सभा अध्यक्ष […]

You May Like

Breaking News