एप्पल न्यूज़, धर्मशाला
धर्मशाला स्थित राजकीय महाविद्यालय में बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा पल्लवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने सरकारी कॉलेज धर्मशाला के भूगोल विषय के सहायक प्रोफेसर अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छात्रा की मौत से जुड़े मामले में दर्ज एफआईआर और मीडिया में आई रिपोर्टों के आधार पर की गई है।

सरकारी आदेश के अनुसार, छात्रा पल्लवी (श्री विक्रम सिंह की पुत्री), जो शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बी.ए. पार्ट-1 की छात्रा थी, की मृत्यु के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 75, 115(2) और 3(5) के तहत तथा हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में सहायक प्रोफेसर अशोक कुमार के साथ तीन छात्राओं के नाम भी शामिल हैं।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, मामले में अशोक कुमार की प्रथम दृष्टया संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
तथ्यों की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने के लिए विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। इसी के तहत केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के नियम 10(1) के अंतर्गत उन्हें निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान अशोक कुमार का मुख्यालय निदेशालय उच्च शिक्षा, शिमला निर्धारित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वे बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। निलंबन विभागीय जांच के परिणाम तक प्रभावी रहेगा।
छात्रा की मौत के बाद यह मामला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिभावकों और छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सरकार के इस कदम को मामले की गंभीरता को देखते हुए अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें विभागीय जांच और पुलिस जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिससे छात्रा की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।







