एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रदेश के सभी जिलों में पंचायतों का संशोधित आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया गया है।
दरअसल, हाईकोर्ट ने विकेश जिंटा एंड अदर्स बनाम हिमाचल सरकार मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा जिलाधीशों को दिए गए 5 प्रतिशत डिस्क्रिशनरी कोटे को रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश देते हुए 7 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक संशोधित रोस्टर जारी करने की डेडलाइन तय की थी।

इस आदेश के बाद पंचायती राज विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी जिलाधीशों (DC) को निर्देश जारी किए। विभाग के सचिव द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया कि रोस्टर तैयार करते समय राज्य सरकार के पूर्व निर्देशों को नजरअंदाज किया जाए और हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार ही नया आरक्षण लागू किया जाए।
मंगलवार को दिनभर जिलों में प्रशासनिक स्तर पर हलचल रही और अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों का नया रोस्टर तैयार किया। देर शाम तक अधिकांश जिलों ने संशोधित आरक्षण सूची जारी कर दी, जबकि बाकी जिलों में भी रात तक प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब केवल संशोधित रोस्टर ही अंतिम (फाइनल) माना जाएगा, और आम जनता व उम्मीदवार उसी के अनुसार जानकारी लें।
प्रदेश में इस बार कुल 3757 पंचायतों के लिए चुनाव होने हैं, जिसमें त्रिस्तरीय व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति (BDC) और जिला परिषद शामिल हैं।
चुनाव प्रक्रिया में देरी के चलते इस बार पूरी प्रक्रिया कोर्ट की निगरानी में तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है।
इस फैसले के बाद प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है और अब जल्द ही चुनावी प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
शिमला जिला मे BDC रोस्टर


रामपुर बुशहर मे प्रधान रोस्टर
जिला परिषद रोस्टर शिमला











