CM की ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ मुहिम से जुड़े हिमाचल के 2.34 लाख लोग, नशे के खिलाफ जनभागीदारी से मिल रहे सकारात्मक परिणाम

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एप्पल न्यूज़, शिमला

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ मुहिम को प्रदेशभर में व्यापक जन समर्थन मिल रहा है। राज्य में अब तक 2.34 लाख लोग इस अभियान से जुड़ चुके हैं। पंचायती राज विभाग द्वारा इन लोगों को नशीले एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम, आपदा प्रबंधन तथा सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकें।
प्रदेश सरकार के सतत् प्रयासों और जनसहभागिता के कारण अब समाज के विभिन्न वर्ग इस मुहिम का सक्रिय हिस्सा बन रहे हैं। लोगों में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ी है तथा युवाओं को चिट्टे जैसी घातक प्रवृत्तियों से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास तेज हुए हैं।

राज्य के 2.34 लाख लोग प्रदेश सरकार की आंख और कान बनकर नशे का कारोबार करने वालों की सूचना समय पर पुलिस तक पहुंचा रहे हैं ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा ये लोग चिट्टे के दुष्प्रभावों के बारे में युवाओं और समाज को जागरूक करने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने के अभियान की सफलता के लिए एक व्यापक योजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। प्रदेश के युवाओं को नशे की दलदल में जाने से रोकने के लिए पंचायती राज और पुलिस विभाग को विशेष निर्देश जारी किए गए थे। इसके तहत पंचायत स्तर पर चिट्टे का सेवन करने वालों तथा नशा तस्करों की पहचान सुनिश्चित की गई।
हिमाचल देश का पहला राज्य बना है, जहां पंचायत स्तर पर चिट्टा प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण किया गया। सर्वेक्षण के आधार पर प्रदेश की पंचायतों को रेड, येलो और ग्रीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

इनमें 234 पंचायतों को रेड श्रेणी में रखा गया है जहां चिट्टे का प्रभाव सबसे अधिक पाया गया। इन पंचायतों में नशे के प्रभाव को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए हैं। स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी, पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग और पुलिस की निगरानी के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।


सरकार ने पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, संवाद अभियान, युवा सहभागिता गतिविधियों तथा सामुदायिक निगरानी तंत्र को मजबूत करने के प्रयास किए हैं। अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करी पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान कर सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण करना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ के संकल्प को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से इस चुनौती का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य सरकार जहां अपराधियों पर कानून का शिकंजा कस रही है वहीं नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

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