सभी प्रदेशवासियों को.jpg
previous arrow
next arrow

बागवानों को अपराधी की तरह नोटिस देकर कटघरे में खड़ा कर रही कांग्रेस सरकार, 100 बोरी से अधिक सेब देने वालों की जांच का तुगलकी फरमान तुरंत वापस हो : चेतन बरागटा

8.6.26 SJVN CORP AD HINDI
previous arrow
next arrow

बागवानों की सब्सिडी, पीपी सेंटर की दवाइयां और समय पर इनपुट गायब; सरकार नहीं जागी तो सड़कों पर उतरकर होगा भयंकर आंदोलन : चेतन बरागटा

एप्पल न्यूज़, शिमला

भाजपा नेता एवं जुब्बल-कोटखाई से प्रत्याशी चेतन बरागटा ने सेब बागवानों के मुद्दों को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कम फसल, प्रतिकूल मौसम, बढ़ती उत्पादन लागत और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे बागवानों को राहत देने के बजाय सरकार उन्हें नोटिस देकर परेशान कर रही है। बरागटा ने 100 से अधिक बोरी सेब एमआईएस के तहत देने वाले बागवानों को जारी नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की।
बरागटा ने कहा कि वर्ष 2025 में एमआईएस के तहत 100 से अधिक बोरियां सेब देने वाले बागवानों से आधार कार्ड, जमाबंदी, ततीमा, आढ़तियों की पर्चियां और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सेब की खरीद के समय सत्यापन नहीं किया गया तो भुगतान के समय बागवानों को अधिकारियों के सामने क्यों खड़ा किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि करीब 45 हजार बागवानों ने पिछले वर्ष एमआईएस के तहत सेब दिया था, जिनमें 7 हजार से अधिक की आपूर्ति 100 बोरी से ज्यादा थी। बरागटा ने सरकार से श्वेत पत्र जारी कर यह बताने की मांग की कि 100 से अधिक बोरी देने वाले कुल कितने बागवान हैं, कितनों को नोटिस भेजे गए और नोटिस भेजने का आधार क्या है। उन्होंने चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि नियम सभी बागवानों के लिए समान होने चाहिए।


बरागटा ने कहा कि यदि एमआईएस खरीद में गड़बड़ी की आशंका है तो जांच केवल बागवानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। कलेक्शन सेंटरों, HPMC के रिकॉर्ड, तैनात कर्मचारियों, परिवहन व्यवस्था और पूरी प्रोक्योरमेंट चेन की जांच होनी चाहिए। उन्होंने HPMC पर गंभीर आरोप लगाते हुए पिछले सीजन में बड़ी मात्रा में सेब नष्ट किए जाने के मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि एमआईएस के तहत बागवानों का 100 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। सरकार से उन्होंने बकाया राशि तत्काल जारी करने की मांग करते हुए कहा कि यह बागवानों का हक है, सरकार की कोई खैरात नहीं।
बरागटा ने सेब खरीद में 25 प्रतिशत की सीमा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मौसम, फंगल अटैक और ओलावृष्टि के कारण कई बागवानों की बड़ी मात्रा में फसल एमआईएस श्रेणी में जा सकती है। ऐसे में 50 से 80 प्रतिशत तक फसल प्रभावित होने वाले बागवानों का सेब कौन खरीदेगा, सरकार को इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सेब सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन कई अधिसूचित कलेक्शन सेंटर अभी धरातल पर पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं। सरकार सभी सेंटर तत्काल खोलकर उनकी सूची और खरीद शुरू होने की तारीख सार्वजनिक करे। साथ ही HPMC और HIMFED दोनों को पर्याप्त कलेक्शन सेंटर दिए जाएं।
बरागटा ने बागवानों को समय पर खाद, स्प्रे ऑयल, दवाइयां और अन्य इनपुट उपलब्ध न होने तथा एंटी हेलनेट, स्प्रे मशीन और पावर टिलर जैसी सब्सिडी लंबित होने का आरोप लगाया। उन्होंने पीपी सेंटरों में गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बागवानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो भाजपा ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू सहित सेब उत्पादक क्षेत्रों में आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने कहा कि बागवानों का हक उन्हें देना सरकार की जिम्मेदारी है और मांगें पूरी नहीं हुईं तो भाजपा सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।

Share from A4appleNews:

Next Post

हिमाचल NSUI के संगठनात्मक चुनावों में Membership Drive शुरू, 10 सितम्बर तक होगी online

Thu Aug 13 , 2026
एप्पल न्यूज़, शिमला हिमाचल प्रदेश NSUI के Internal Organisational Elections के तहत Membership Drive शुरू हो गई है। प्रदेश चुनाव प्रभारी (PRO) राकेश बैरवा ने बताया कि संगठनात्मक चुनावों के लिए Nomination और Scrutiny की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 9 अगस्त को सभी Final Nominations घोषित किए जा […]

You May Like

Breaking News