कँगना क़ा अधिकारियों को आलसी, निकम्मे, फूहड़ कहना दुर्भाग्यपूर्ण- त्रिलोक सूर्यवंशी

एप्पल न्यूज़, शिमला

हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता त्रिलोक सूर्यवंशी ने कहा कि मण्डी में दिशा बैठक के दौरान लोकसभा सांसद कंगना रनौत  ने हिमाचल प्रदेश के ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और मेहनती अधिकारियों को  आलसी, निठ्ठले, निकम्मे और फूहड़ कहकर कर्मचारियों और अधिकारियों के स्वाभिमान को ठेस पहुचाई है। त्रिलोक सूर्यवंशी ने कहा कि मण्डी लोकसभा क्षेत्र के 17 विधायकों में से 12 विधायक भाजपा के हैं। अतः कंगना रनौत ने अपनी पार्टी के विधायकों और भाजपा के कार्यकर्ताओं के कहने से ही पैसा आवंटित किया होगा. जिसे पैसा दिया होगा तो क्या उनका फर्ज नहीं बनता था कि वो समय समय पर मोनिटर करते। कंगना रनौत को स्टाफ भी मिला है क्या उनकी डयूटी नहीं है कि जिन्हें पैसा  आवंटित किया गया है उसे चैक करते कि धन विकास कार्यों में लगा या नहीं।
त्रिलोक सूर्यवंशी ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी सरकार की रीढ़ होती है। प्रत्यक्ष  और अप्रत्यक्ष रूप से  सरकार को चलाते हैं। हिमाचल प्रदेश में सरकार बनाने में कर्मचारियों और अधिकारियों का अहम रोल रहता है। त्रिलोक सूर्यवंशी ने कहा कि भाजपा हमेशा ही कर्मचारी विरोधी रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे जयराम सरकार का जन मंच कार्यक्रम झंड मंच कार्यक्रम बनकर रह गया था। इस कार्यक्रम में काम कम और झंड यानि बेइज्जती अधिक की जाती थी। अतः समय आने पर हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों ने जयराम की भाजपा सरकार को उखाड़ फेंका था।  हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी व अधिकारी मेहनतकश हैं, लग्न से काम करते हैं लेकिन बेइज्जती सहन नहीं करते। सूर्यवंशी ने कहा कि कंगना रनौत आपदा के समय तो मुंबई में शूटिंग कर रही थी। यदि इन्हें हिमाचल के विकास की इतनी ही चिंता है तो केन्द्र सरकार से आर डी जी दिलाती। त्रिलोक सूर्यवंशी ने कहा कि कंगना ने संसद में आज दिन तक कभी भी प्रदेश हित की आवाज नहीं उठाई। मंहगाई के बारे में कभी नहीं बोला। प्रधानमंत्री मोदी जी ने हिमाचल प्रदेश के लिए 15 सौ करोड़ का विशेष पैकेज की घोषणा की थी जो कि आज तक नहीं मिला।उस पैकेज की मांग को कंगना ने  कभी नहीं उठाया और इस बैठक में अधिकारियों पर ऐसे चिल्ला रही थी कि यही देश और प्रदेश को चला रही है। त्रिलोक सूर्यवंशी ने कहा कि कंगना हमेशा ही अमर्यादित भाषा का प्रयोग करती है और हर कार्य के लिए कांग्रेस व सुक्खू सरकार को दोषी ठहराती है। कंगना को सिर्फ टी आर पी ही चाहिए कि कैसे सुर्खियों में रहूँ। कंगना ने बैठक में कहा था कि कैसे मैं नैशनल मीडिया को जबाब दूंगी। इसका अर्थ है कि कंगना जनता के प्रति जबाब देह नहीं बल्कि नेशनल  मीडिया के प्रति है। कंगना को यह नहीं पता कि 2029 में अधिकारी, कर्मचारी व हिमाचल की प्रबुद्ध जनता इसी की भाषा में जबाब देगी और वापिस मुम्बई भेज देगी।

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Mon Sep 7 , 2026
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