IMG_20260124_200231
previous arrow
next arrow

निष्पक्ष चुनाव पर बड़ा सवाल- शिमला ग्रामीण के ‘धामी-हलोग’ ज़िला परिषद चुनाव में धांधली, एक साल बाद भी DC कोर्ट में मामला पेंडिंग, अनिता की चेतावनी रिकाउंटिंग करवाओ या होगा अनशन

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज़, शिमला

शांत राज्य हिमाचल में निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। हो भी क्यों न जब आनन फानन में मतगणना कर नतीजे घोषित कर दिए और अपील करने के एक साल बाद भी मामले की न तो सुनवाई हो और न ही रिकाउंटिंग तो फिर सवाल उठना लाजिमी है। यदि गणना सही है तो फिर रिकाउंटिंग से डर कैसा और गलत है तो छुपाना कैसा।

क्या लोकतंत्र में चुनाव किसी के दबाव में होंगे और क्या आवाज उठाने पर न्याय नहीं मिलना चाहिए। ऐसा ये अकेला मामला नहीं दर्जनों ऐसे मामले लंबित डाल रखे हैं जहां 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी मामले का निपटारा नहीं हो पाता।

ऐसा ही मामला शिमला जिला के शिमला ग्रामीण क्षेत्र के धामी हलोग से जिला परिषद उम्मीदवार रही अनिता शर्मा का है जिन्होंने वोटों की रिकाउंटिंग करवाने की फिर मांग की है। उनका मामला एक साल से जानबूझकर लटका रखा है। क्योंकि जो जीती है उसे अगले वर्ष जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष की कमान जो सौंपनी है। ऐसे में आकाओं को चिंता है कि कहीं न्याय मिला, जांच में गड़बड़ी पाई गई तो अध्यक्ष की कुर्सी तो दूर सदस्य भी नहीं रह पाएंगे।

अनिता शर्मा ने कहा कि जिला परिषद के बीते साल जनवरी में चुनाव हुए थे। 22 जनवरी को मतगणना हुई थी। शिमला में एक प्रैस कांफ्रेंस में अनिता शर्मा ने   आरोप लगाया की रिटर्निंग ऑफिसर ( आर ओ) ने उनके एजेंट को समय पर मतगणना केन्द्र में जाने नही दिया। 

कायदे से जिला परिषद के उम्मीद्वारों के एजेंट्स को भी बीसीसी की गणना के वक्त की अंदर केंद्र में जाने की इजाजत देनी चाहिए थी। मगर उनके  एजेंट को तब जाने दिया गया जब जिला परिषद के वोटों की गणना शुरू हुई।

जबकि बीडीसी और जिला परिषद के वोट एक ही बॉक्स में थे। लेकिन उनके एजेंट के केंद्र में आने से पहले ही मतों के बंडल बना दिए गए थे। 

उन्होंने आरोप लगाया की मतगणना में अनियमितता की गई।  यही नहीं काउंटिग के समय केंद्र में कोई प्राइवेसी नहीं रखी गई। जिला परिषद की गणना के समय केंद्र के अंदर हर कोई जा  रहा था। यही नहीं उन्होंने यह भी आरोप लगाए की जिला परिषद् के मतों की गणना आनन फानन में निपटा दी गई।

उन्होंने कहा कि  एक ओर बीडीसी की काउंटिंग के लिए औसतन तीन घंटे का समय दिया गया, वहीं  जिला परिषद के मतों की गणना  एक घंटे  में ही निपटा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया की गणना के समय  एजेंट्स को बिना  फॉर्म्स ही जाने दिया गया।

हालांकि उन्होंने वोटों की रिकाउंटिंग की मांग की गई, लेकिन इस मांग को नहीं माना गया। उन्होंने कहा की इस संबंध में एक याचिका डीसी कोर्ट में दी गई है।

उन्होंने कहा की  रिकाउंटिग की मांग को लेकर डीसी के कोर्ट में दूसरे दिन ही याचिका दायर की गई थी। लेकिन अब तक इसका निपटारा नहीं किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया की प्रतिवादी पक्ष कई तरह के अड़ंगे लगा कर मामले को लटका रहा है। इससे इस पर फ़ैसला नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा की अगर जल्द उनकी याचिका पर फैसला नहीं लिया गया तो वह अनशन पर बैठेंगी।

हालांकि वह डायबिटीज की मरीज है। लेकिन वो मजबूरी में यह कदम उठा रही है। ऐसे में अगर उनको अनशन के दौरान कुछ अनहोनी होती है तो इसकी जिमेवारी प्रशासन की होगी।

Share from A4appleNews:

Next Post

चैलचौक में अतिक्रमणकारियों ने फिर कब्जाई सरकारी भूमि, कैप्टन शेर सिंह का आरोप- विभागीय संरक्षण से बढ़ रहे कब्जाधारकों के हौंसले

Wed Dec 22 , 2021
स्थानीय प्रशासन को चेताया कार्रवाई न हुई तो हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना का केस करेंगे एप्पल न्यूज़, संजीव कुमार गोहर मंडी चैलचौक बाजार व आसपास के अन्य कस्बों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों का जीन एक बार फिर बोतल से बाहर निकल आया है। मशहूर आरटीआई एक्टिविस्ट कैप्टन […]

You May Like

Breaking News