एप्पल न्यूज, नई दिल्ली/शिमला
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट कर राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य की ऋण सीमा में वृद्धि करने का आग्रह करते हुए केंद्र सरकार से राहत और सहायता प्रदान करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री को बताया कि प्रदेश हाल ही में भारी बारिश और भूस्खलनों जैसी प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में रहा है, जिससे व्यापक स्तर पर जनहानि और संरचनात्मक क्षति हुई है।
उन्होंने कहा कि इस आपदा से राज्य के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए अधिक वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति से अवगत करवाते हुए कहा कि ऋण सीमा में वृद्धि राज्य के लिए आवश्यक है ताकि चल रहे विकास कार्यों को गति दी जा सके और आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाई जा सके।
वित्त मंत्रालय में हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने केंद्र से अपेक्षित वित्तीय दायित्वों को शीघ्र पूरा करने की मांग की, ताकि राज्य सरकार की योजनाएं बाधित न हों।
इस महत्वपूर्ण भेंट के दौरान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी उपस्थित थे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि राज्य की स्थिति पर विचार करते हुए जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।
यह भेंट ऐसे समय में हुई है जब हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदा से उबरने के लिए केंद्र की सहायता पर निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऋण सीमा में राहत मिलती है, तो इससे राज्य की वित्तीय स्थिति को स्थिरता देने में मदद मिलेगी।






