एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की घोषणा के साथ ही आरक्षण रोस्टर की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। राज्य की 3758 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए चुनाव होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इस बार कुल 1900 प्रधान पदों पर महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगी, जबकि 1151 पद अनारक्षित रखे गए हैं।
प्रधान पदों के आरक्षण रोस्टर के अनुसार अनुसूचित जाति के लिए 453, अनुसूचित जाति महिला के लिए 508, अनुसूचित जनजाति के लिए 138, अनुसूचित जनजाति महिला के लिए 151, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 116 तथा ओबीसी महिला के लिए 146 सीटें आरक्षित की गई हैं। महिलाओं के लिए सामान्य वर्ग में 1095 पद आरक्षित किए गए हैं।
वहीं ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए प्रदेशभर में 21,678 सीटों पर चुनाव होंगे। इनमें 12,709 सीटों पर महिला प्रतिनिधियों का चुनाव होगा। पंचायत समिति सदस्य के 1,769 पदों में से 919 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
जिला परिषद चुनावों में भी महिलाओं की भागीदारी मजबूत रहेगी। कुल 251 जिला परिषद सीटों में से 128 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
जिला परिषद चुनावों को प्रदेश में सबसे अधिक प्रतिष्ठित और खर्चीला माना जाता है, ऐसे में इस बार आरक्षण रोस्टर के चलते कई बड़े दावेदार चुनावी मैदान से बाहर हो गए हैं।
राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने बताया कि उपप्रधान पद के लिए कोई आरक्षण लागू नहीं किया गया है।
पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद अब संभावित उम्मीदवारों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं।







