एप्पल न्यूज़, शिमला
चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. हंसराज पर शादी का झांसा देकर एक युवती के यौन शोषण का आरोप लगने के बाद अब मामला प्रदेश उच्च न्यायालय की दहलीज तक पहुंच गया है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंबा की अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दायर की है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
सोमवार को महिला पुलिस थाना चंबा की ओर से पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बावजूद विधायक थाना नहीं पहुंचे। पुलिस ने रविवार को ही विधायक को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन विधायक ने थाने में पेश होने की बजाय कानूनी सुरक्षा के लिए अग्रिम जमानत का सहारा लिया।
उधर, पुलिस ने पीड़िता की मौजूदगी में जांच का दायरा बढ़ाते हुए साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है ताकि गिरफ्तारी के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
मामला पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत दर्ज किया गया है, जिससे यह और गंभीर हो गया है। इस संवेदनशील प्रकरण पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले चुराह क्षेत्र की एक युवती ने विधायक पर आरोप लगाया था कि जब वह नाबालिग थी, तब शादी का झांसा देकर उसका शोषण किया गया।
वहीं, पूर्व विधायक सुरिंद्र भारद्वाज ने डीसी चंबा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है। इसके साथ ही एसएफआई की चंबा इकाई ने भी डीसी और एसपी चंबा को ज्ञापन सौंपकर विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चार दिन बीतने के बावजूद पुलिस अभी तक विधायक का कोई सुराग नहीं लगा पाई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
यह मामला न केवल कानूनी दृष्टि से गंभीर है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बड़ी प्रतिक्रिया पैदा कर रहा है।






