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RDG बहाली को लेकर जोरदार हंगामे के बीच संकल्प प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित, नारेबाजी करते विधानसभा से बाहर आए पक्ष -विपक्ष, अब 18 मार्च तक ब्रेक

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एप्पल न्यूज़, शिमला

Himachal Pradesh विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बहाली को लेकर जोरदार हंगामे के बीच सरकार का संकल्प प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया।

तीन दिन की कार्यवाही के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है और अब बजट सत्र 18 मार्च से दोपहर 12 बजे पुनः शुरू होगा।
संकल्प प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने कहा कि यदि राजस्व घाटा अनुदान बंद होता है तो प्रदेश को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का झटका लगेगा और भविष्य में यह अनुदान दोबारा मिलना संभव नहीं होगा।

विपक्षी दल Bharatiya Janata Party ने सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए सदन के वेल में आकर नारेबाजी की। हंगामे के बीच ही सत्ता पक्ष ने प्रस्ताव पारित कर दिया।

प्रस्ताव के माध्यम से केंद्र सरकार से हिमाचल का आरडीजी बहाल रखने की मांग की जाएगी और इसे भारत सरकार को भेजा जाएगा।


मुख्यमंत्री गुरुवार को शिमला से श्रीनगर रवाना होंगे, जहां वे Omar Abdullah से सेब आयात शुल्क के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। इसके बाद वे दिल्ली जाएंगे।

शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge से प्रदेश का पूरा मंत्रिमंडल मुलाकात करेगा।

बैठक में राजस्व घाटा अनुदान बंद होने की स्थिति, कानूनी विकल्पों और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी।
सत्र के दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने ही राजस्व घाटा अनुदान बंद करने की मांग केंद्र से की थी। इस मुद्दे पर भी कांग्रेस हाईकमान के साथ चर्चा संभव है।


विधानसभा अध्यक्ष Kuldeep Singh Pathania ने सदन में घोषणा की कि अब बजट सत्र 18 मार्च से पुनः शुरू होगा। 17 मार्च को केंद्र सरकार केंद्रीय बजट पारित करेगी और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों की स्थिति भी स्पष्ट होगी।
सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू, उनके कैबिनेट सहयोगियों और कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा गेट पर भाजपा के विरोध में नारेबाजी की। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने भी विधायकों के साथ प्रदर्शन किया।

वहीं भाजपा विधायक भी सदन से बाहर आकर सरकार पर प्रदेश को आर्थिक संकट में धकेलने और सदन में गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते नजर आए।

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