सेब बागवानों को ठगी से बचाने के लिए हिमाचल सरकार लाइसैंस बनाने के लिए बैंक गारंटी की शर्त में करेगी बदलाव

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज़, शिमला

हिमाचल प्रदेश में सेब बागवानों को ठगी से बचाने के लिए राज्य सरकार लाइसैंस बनाने के लिए बैंक गारंटी की शर्त में बदलाव करने जा रही है।

सरकार इस राशि को बढ़ाएगी ताकि बागवानों से सेब खरीद कर कोई भी आढ़ती व लदानी फरार न हो सके। विधायक कुलदीप सिंह राठौर के प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने बुधवार को विधानसभा में यह यह बात कही।  

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य की तीन कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) में सेब खरीद के बाद भुगतान न करने के 379 मामले सामने आए हैं। इनमें से शिमला-किन्नौर में 144 शिकायतें, सोलन में 191, कुल्लू-लाहौल स्पीति में 44 शिकायतें शामिल हैं।

इसमें कुल 8.05 करोड़ रुपये की देनदारियां हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इनमें से 69 मामलों में 1,93,21,066 रुपये का भुगतान सेब उत्पादकों को दिला दिया है, जबकि 6,12,44,176 रुपये की राशि अभी लंबित है। 

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों और बागवानों की शिकायतों को देखते हुए 26 जुलाई 2019 को हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया था कि अधिनियम की धारा 39 के तहत व्यापारियों से पंजीकरण के समय प्रतिभूति राशि ली जाएगी। 

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि उपज मंडी समिति सोलन द्वारा तीन सालों में 28 दोषी डिफाल्टर आढ़तियों में से 12 आढ़तियों द्वारा किसान, बागवानों का पैसा वापिस किया जा चुका है।

वहीं, 16 दोषी डिफाल्टरों में से 12 डिफाल्टर आढ़तियों के खिलाफ मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 2 डिफाल्टर आढ़तियों को रिकवरी नोटिस जारी किया जा चुका है। 

इससे पहले, विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने प्रश्नकाल में यह मामला उठाते हुए कहा कि हर साल छोटे बागवानों को करोड़ों रुपए की चपत लगती है।

उन्होंने कहा कि कोर्ट में जाने और नोटिस जारी करने से बहुत सारा समय बर्बाद हो जाता है। सालों लग जाते हैं पैसे आते-आते जिससे की छोटे किसानों को नुकसान होता है। 

कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई की जाए और बागवानों को उनका पैसा लौटाया जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की जा रही है।

उन्होंने पूछा कि यदि आढ़तियों और लदानियों से बैंक गारंटी राशि ली जाती है तो गबन के मामले क्यों आ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या एपीएमसी ने जिम्मेदारी से काम किया है।

उन्होंने शिलारू मंंडी में बागवानों के 5 करोड़ रुपए फंसे होने का मामला उठाया और कहा कि यहां ले लदानी सेब लेकर फरार हो गए हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए एपीएमसी को और मजबूत करने की मांग की। 

Share from A4appleNews:

Next Post

RDG बहाली को लेकर जोरदार हंगामे के बीच संकल्प प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित, नारेबाजी करते विधानसभा से बाहर आए पक्ष -विपक्ष, अब 18 मार्च तक ब्रेक

Thu Feb 19 , 2026
एप्पल न्यूज़, शिमला Himachal Pradesh विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बहाली को लेकर जोरदार हंगामे के बीच सरकार का संकल्प प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया। तीन दिन की कार्यवाही के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है और अब […]

You May Like