एप्पल न्यूज़, अर्की/ सोलन
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेशभर के सीबीएसई स्कूलों में अगले तीन माह के भीतर 2,000 और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। वह शनिवार को सोलन जिले के अर्की में आयोजित राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 150 सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा के बाद इसका विरोध भी हुआ था, लेकिन इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति योग्यता के आधार पर और बिना किसी सिफारिश के की जा रही है। प्रत्येक स्कूल में पांच से आठ शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है और शेष पद शीघ्र भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों में सीबीएसई शिक्षा महंगी है, इसलिए सरकार सरकारी स्कूलों में भी कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में पुराने उपकरणों के स्थान पर आधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवाई गई है। सरकार ने हाल ही में 200 चिकित्सकों की भर्ती की है और शीघ्र ही 228 और चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी। अर्की में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध करवाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि और अदरक को न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था में शामिल करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ उपलब्ध करवाना है।
किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल के हितों को ध्यान में रखते हुए समझौते की शर्तों को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि यदि पूर्व निर्धारित शर्तें लागू रहतीं तो हिमाचल पर 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था तथा राज्य को 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये की संभावित वार्षिक आय से वंचित होना पड़ सकता था।
मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में करीब 5,000 बीघा भूमि के आवंटन को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि सरकार ऐसे मामलों की समीक्षा कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने से लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है, जिसका उपयोग विधवाओं, बच्चों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के कल्याण में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दिग्गल, भूमती और जय नगर के स्कूलों को सीबीएसई स्कूलों में परिवर्तित करने की घोषणा की। इसके अलावा कुनिहार-सारमा, मांगू-मलावण, जाबल-जय नगर, भूमती-डाडल-पिपलूघाट तथा कोहू-भियूंकरी वाया सौर सड़कों की मरम्मत के लिए धन उपलब्ध करवाने की घोषणा की। विधायक संजय अवस्थी की मांग पर अर्की में कौशल विकास केंद्र खोलने के प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने तथा शिमला-धैना बस सेवा बहाल करने की घोषणा भी की।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। विधायक संजय अवस्थी ने सायर मेले को 388 वर्षों पुरानी परंपरा बताते हुए क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया।
समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक विनोद सुल्तानपुरी और हरदीप सिंह बावा, विभिन्न बोर्ड एवं निगमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, सोलन जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष वर्माणी, उपायुक्त मनमोहन शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।




