एप्पल न्यूज़, देवठी/रामपुर बुशहर
देवठी पंचायत के बरकल गांव में पशुधन पर भालू के हमले की घटनाओं के बाद वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया। कई दिनों तक लगातार निगरानी के बाद एक वयस्क नर भालू पिंजरे में सफलतापूर्वक कैद हो गया।
सूचना मिलते ही रैपिड रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक भालू को ट्रैंकुलाइज किया और उसकी स्वास्थ्य जांच की। जांच के बाद भालू को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में पशुधन पर भालू के हमले को लेकर बनी चिंता के बीच राहत मिली है.

देवठी पंचायत के बरकल गांव में पिछले कुछ दिनों से पशुधन पर भालू के हमले की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था। लगातार हो रहे हमलों के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और भालू को पकड़ने के लिए गांव के आसपास पिंजरा लगाया।
वन विभाग की टीम ने संभावित आवाजाही वाले स्थानों पर पिंजरा स्थापित करने के साथ ही कई दिनों तक लगातार निगरानी की। टीम ने क्षेत्र में भालू की गतिविधियों पर नजर रखी और ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी। निगरानी के दौरान एक वयस्क नर भालू पिंजरे में सफलतापूर्वक कैद हो गया।
भालू के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की रैपिड रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए भालू को सावधानीपूर्वक ट्रैंकुलाइज किया, ताकि उसे बिना किसी नुकसान के बाहर निकाला जा सके। इसके बाद विशेषज्ञों ने भालू की स्वास्थ्य जांच की। जांच में भालू की स्थिति सामान्य पाई गई और उसके शरीर पर किसी गंभीर चोट के संकेत नहीं मिले।

स्वास्थ्य परीक्षण पूरा होने के बाद वन विभाग की टीम ने भालू को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास वाले जंगल में छोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार, भालू को आबादी से दूर ऐसे क्षेत्र में छोड़ा गया है, जहां उसके लिए पर्याप्त प्राकृतिक भोजन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो।
भालू के पकड़े जाने और जंगल में छोड़े जाने के बाद बरकल गांव तथा आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पशुधन पर हमलों को लेकर बनी चिंता भी कुछ हद तक कम हुई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय अकेले बाहर न निकलें, पशुओं को खुले में न छोड़ें और जंगली जानवरों की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचना दें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वन्यजीवों से संबंधित मामलों में ग्रामीण स्वयं कार्रवाई न करें, बल्कि प्रशिक्षित टीम को मौके पर बुलाएं।




