चिट्टा विरोधी अभियान को जन आंदोलन बनाने में निभाई अहम भूमिका, युवाओं की भागीदारी और जनजागरूकता को दिया बढ़ावा
एप्पल न्यूज़, शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) बिमल गुप्ता, आईपीएस को प्रदेश में चलाए जा रहे चिट्टा विरोधी अभियान में उल्लेखनीय योगदान और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए सम्मानित किया। बिमल गुप्ता वर्तमान में एसवी एंड एसीबी/एपी एंड टी में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात हैं।

बिमल गुप्ता ने प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में चिट्टा और अन्य सिंथेटिक नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़े स्तर पर वॉकाथॉन, जनसंपर्क कार्यक्रमों और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन पहलों के माध्यम से युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम जनता को नशे के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास किया गया।
उनके निरंतर प्रयासों से नशा विरोधी जागरूकता अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने में मदद मिली है। इसके माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त हिमाचल के सामूहिक संकल्प से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए आईजी बिमल गुप्ता और हिमाचल प्रदेश पुलिस की पूरी टीम को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व और प्रोत्साहन से चिट्टा विरोधी अभियान को प्रदेशव्यापी जन आंदोलन बनाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पुलिस प्रदेश के युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और नशामुक्त हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आईजी बिमल गुप्ता को मिला यह सम्मान नशे के खिलाफ उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और प्रदेश की युवा पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना है।




