ड्रोन प्रोजेक्ट के नाम पर 3.5 करोड़ की ऑनलाइन धोखाधड़ी, हमीरपुर के छात्र को मिली ग्रांट निकली फर्जी, FIR दर्ज

IDEX ने ग्रांट मंजूर होने से किया इनकार, संस्थान के प्रिंसिपल की शिकायत पर FIR दर्ज; तीसरी मंजिल से गिरने के मामले की भी जांच जारी
एप्पल न्यूज़, हमीरपुर

राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर के छात्र सर्वेश शर्मा के तीसरी मंजिल से गिरकर घायल होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। छात्र को ड्रोन प्रोजेक्ट के लिए 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने का दावा प्रारंभिक जांच में फर्जी पाया गया है। जांच में ऑनलाइन धोखाधड़ी की आशंका सामने आई है। संस्थान के प्रिंसिपल की शिकायत पर सदर थाना हमीरपुर में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, संस्थान में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर में पढ़ने वाले सर्वेश को डिजिटल मैसेज के माध्यम से बताया गया था कि उसके ‘रुद्रा एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)’ ड्रोन प्रोजेक्ट के लिए इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (iDEX) के तहत 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर हुई है। यह पहल डिफेंस इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन (DIO) से संबंधित है।


हालांकि, DIO से मिली आधिकारिक जानकारी में स्पष्ट किया गया है कि संगठन के रिकॉर्ड में सर्वेश शर्मा या उससे संबंधित किसी स्टार्टअप के नाम पर ऐसी कोई ग्रांट मंजूर नहीं हुई है। संगठन ने इस संबंध में किसी तरह की सहायता उपलब्ध करवाने से भी इनकार किया है। इसके बाद संस्थान प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
हॉस्टल के कमरे में पहुंची पुलिस टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को एएसपी राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बड़ू पहुंची। टीम ने छात्र के हॉस्टल के कमरे का निरीक्षण किया और कॉलेज प्रबंधन सहित कुछ छात्रों से पूछताछ की। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटा रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि सर्वेश हॉस्टल की तीसरी मंजिल से दुर्घटनावश गिरा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। फिलहाल इस संबंध में पुलिस जांच जारी है।
पहले भी सुर्खियों में रहा था छात्र का प्रोजेक्ट
गौरतलब है कि सितंबर में सर्वेश को सेना के लिए ड्रोन बनाने के प्रोजेक्ट पर 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने का दावा सामने आया था। इसके बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता सहित कई बड़ी हस्तियों और सामाजिक संगठनों ने छात्र को सम्मानित भी किया था।
बताया जा रहा है कि 15 अक्तूबर को सेना की ओर से फोन आने के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई थी। 27 अक्तूबर को सेना ने छात्र का रिकॉर्ड मांगा था। इसी बीच 28 अक्तूबर को सर्वेश हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर घायल हो गया।
पीजीआई में चल रहा उपचार
घटना के बाद सर्वेश को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। संस्थान के प्रिंसिपल के अनुसार, सर्वेश ज्यादा बातचीत नहीं करता था। उसने एक कंपनी बनाई थी और एक बार बताया था कि उसे सेना के लिए ड्रोन बनाने का ऑफर मिला है। इस प्रोजेक्ट पर वह कुछ छात्र साथियों की मदद से काम कर रहा था।
संपादकीय सुझाव: इस मामले में पुलिस जांच पूरी होने तक ‘ऑनलाइन धोखाधड़ी की आशंका’, ‘ग्रांट का दावा फर्जी’ और ‘तीसरी मंजिल से गिरने की जांच’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना उचित रहेगा। इससे खबर तथ्यात्मक और कानूनी दृष्टि से संतुलित रहेगी।

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