चिट्टा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश, चंडीगढ़ से तीन मुख्य सप्लायर गिरफ्तार


बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर शिमला पुलिस की कार्रवाई, वर्ष 2026 में अब तक 93 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार और 68 अंतरराज्यीनेटवर्क ध्वस्त
एप्पल न्यूज़, शिमला,

नशा तस्करी के खिलाफ अभियान में शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चिट्टा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर चंडीगढ़ से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में नशे की सप्लाई से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण के आधार पर मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
पहला मामला पुलिस थाना पश्चिम में अभियोग संख्या 215/2026 के तहत 11 अक्टूबर को धारा 21 व 29 ND&PS एक्ट में दर्ज किया गया था। इस मामले में शोघी चौकी के नजदीक नाकाबंदी के दौरान एक बस की तलाशी में भुवनेश चौहान (21) निवासी शोघी और गुलशन ठाकुर (21) निवासी बानकुफर, कोटखाई के कब्जे से करीब 22 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई थी। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।

दूसरा मामला पुलिस थाना पश्चिम में अभियोग संख्या 201/2026 के तहत 27 सितंबर को धारा 21 ND&PS एक्ट में दर्ज किया गया था। इस मामले में शोघी चौकी के समीप बस की चेकिंग के दौरान कुल्लू निवासी क्षितिज वर्मा (26) के कब्जे से करीब 6 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुआ था। पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण में पता चला कि आरोपी चंडीगढ़ के मनीमाजरा निवासी रोहित से चिट्टा खरीदकर लाया था। इसके आधार पर पुलिस टीम ने 4 अक्टूबर को मनीमाजरा से मुख्य सप्लायर रोहित पुत्र रामकृष्ण को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार इन दोनों मामलों में गिरफ्तार सभी पांच आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
2026 में 93 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, 68 नेटवर्क ध्वस्त
शिमला पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक नशा तस्करी के मामलों में 93 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं तथा 68 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। इसकी तुलना में वर्ष 2025 में 8 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क तथा वर्ष 2024 में 15 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे।
पुलिस का कहना है कि अब नशा तस्करी के मामलों में केवल स्थानीय स्तर पर नशा बेचने वालों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जा रही, बल्कि बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से मुख्य सप्लायरों, वित्तीय लेन-देन और अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचकर पूरे सप्लाई चेन को ध्वस्त करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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