एप्पल न्यूज़, शिमला
गुड़गांव निवासी 82 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक आर.सी. गिरधर शिमला में छुट्टियां मनाने आए थे, लेकिन एक ऑनलाइन होटल बुकिंग धोखाधड़ी के शिकार हो गए, जिसमें उन्होंने ₹10,000 की राशि गंवा दी।
गिरधर ने शिमला में 14 मई से 10 दिनों के प्रवास के लिए Himalayan Homestay नामक एक फेसबुक ग्रुप में अपनी आवश्यकता पोस्ट की थी।
इसके जवाब में उन्हें कई प्रस्ताव मिले, जिनमें से एक विनोद राव नामक व्यक्ति का था, जिसने खुद को ग्लेन व्यू हेरिटेज होमस्टे विला का एजेंट बताया।

विनोद राव ने 10 दिन की बुकिंग के लिए ₹18,000 का ऑफर दिया और प्रॉपर्टी की कुछ आकर्षक तस्वीरें भी साझा कीं, जो श्री गिरधर को पसंद आईं।
दोनों के बीच कई फोन कॉल्स हुए, जिसके बाद गिरधर ने बुकिंग पक्की कर दी और ₹10,000 की अग्रिम राशि तीन किश्तों में (₹4,000 + ₹4,000 + ₹2,000) GPay के माध्यम से भेज दी।
14 मई को जब श्री गिरधर शिमला पहुंचे और ग्लेन व्यू हेरिटेज होटल में अपनी बुकिंग के बारे में जानकारी ली, तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम से कोई बुकिंग नहीं है, और न ही होटल के पास विनोद राव नाम का कोई एजेंट है।
जब उन्होंने विनोद राव से संपर्क करने की कोशिश की, तो वह फोन उठाना बंद कर चुका था और बाद में उसने गिरधर का नंबर ब्लॉक कर दिया।
उस धोखेबाज़ एजेंट का मोबाइल नंबर 9660408406 बताया गया है।
बेहद निराश और असहाय स्थिति में श्री गिरधर को बिना ठहरने के इंतजाम के 15 मई को गुड़गांव लौटना पड़ा।
यह घटना न केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की जा रही होमस्टे बुकिंग की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि शिमला जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल में पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा व्यवस्था को लेकर भी चिंता उत्पन्न करती है।







