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सुविधाओं से लैस होंगी वन विभाग की शिमला स्थित कालोनियां, नए आवास का प्रस्ताव सरकार को भेजेंगे- के थिरुमल

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छोटे कर्मचारियों के सरकारी आवासों का प्राथमिकता की प्राथमिकता के आधार पर होगी मुरम्मत

पानी की किल्लत और पार्किंग की समस्या से मिलेगी निजात

एप्पल न्यूज़, शिमला

वन विभाग के शिमला स्थित कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारयों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। विशेषकर वन विभाग की शिमला स्थित खालीनी, मिस्ट चैंबर और चक्कर कालोनियों में कर्मचारयों को टाईप-I, टाईप-II और टाईप-III मकानों में लम्बे अरसे से चल रही दिक्कतों से वर्ष 2025 में निजात मिलेगी।

वन विभाग के सरकारी आवासों में पिछले कई वर्षों से चली आ रही खस्ता हालत के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। यह बात शिमला के सीसीएफ के थिरुमल ने वन विभाग कर्मचारी महासंघ की शिमला इकाई द्वारा आयोजित एक बैठक में कर्मचारयों को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने बताया कि छोटे कर्मचारी वन विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं, और उनके लिए सरकारी आवासों में मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। थिरुमल ने बताया कि छोटे कर्मचारयों को शिमला में रहने के लिए सरकारी मकान काफी कम हैं, जिसके चलते अनेक कर्मचारयों को प्राईवेट मकानों में रहना पड़ रहा है।

उन्होंने यह आश्वासन दिया कि वो उच्चाधिकारियों के समक्ष कर्मचारयों के लिए चरणबद्ध तरीके से टाईप-I, टाईप-II और टाईप-III के आवास बनाने हेतु एक प्रस्ताव रखेंगे, ताकि शिमला में सभी कर्मचारयों को सरकारी आवास सुनिश्चित हो सकें।

सीसीएफ शिमला ने बताया कि उन्हें अक्सर यह शिकायतें मिल रही हैं कि छोटे कर्मचारियों के मकानों में ज़रूरी मुरम्मत भी नहीं की जाती. जबकि अधिकारयों के सरकारी आवासों में अधिक धनराशि खर्च की जाती है।

अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी मकानों में अधिकारयों और कर्मचारयों के मकानों के लिए एक सुनिश्चित अनुपात के तहत धनराशी आबंटित की जाए।


शिमला में गर्मियों में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए अब 500 के स्थान पर 1000 लीटर के स्टोरेज टैंक लगाए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों को पानी की दिक्कत न हों।

उन्होंने यह भी बताया कि अब वन विभाग की कालोनियों में पानी के वितरण के लिए एस जे पी एन एल से हर कर्मचारी को सीधा कनेक्शन दिया जाएगा ताकि पानी का बराबर वितरण हो सके।

इसके लिए विभाग द्वारा चालीस लाख की राशि पानी के मीटर लगाने के लिए एस जे पी एन एल को दे दी गयी है, अब जल्द ही मीटर लगाने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाएगी।

वन विभाग की सरकारी कालोनिओं में नई पार्किंग स्थापित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कदम उठाए जाएंगे ताकि कर्मचारयों को अपने वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त स्थान मिल सके |
के थिरुमल ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं को दो दिनों के अन्दर सुलझाया जाए और इसे सुनिश्चित करने के लिए वो कम्प्लेंट रजिस्टर को हर हफ्ते खुद मोनिटर करेंगे।

के थिरुमल ने यह भी बताया कि शिमला वृत्त कार्यालय मिस्ट चैंबर के बाहर लगे हैण्ड पम्प के पानी के प्रयोग के लिए एक ओवर हैड टैंक लगाया जाएगा, ताकि पानी की किल्लत का समाधान हो सके।

वन विभाग की खलीनी, मिस्ट चैम्बर तथा चक्कर कालोनियों में कर्मचारयों को पार्किंग स्टीकर दिए जाएंगे ताकि बाहरी लोगों द्वारा विभाग की कालोनियों में अनाधिकृत पार्किंग को रोका जा सके। बिना पार्किंग स्टीकर वाली गाड़ियों का चालान करवाया जाएगा |
हिमाचल प्रदेश वन विभाग कर्मचारी महासंघ के राज्याध्यक्ष प्रकाश बादल ने सीसीएफ के थिरुमल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिमला इकाई के महासचिव गंगा राम और कोषाध्यक्ष चिरंजीलाल वर्मा द्वारा शाल और टोपी पहना कर सीसीएफ शिमला को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर निर्माण शाखा शिमला के वन परिक्षेत्राधिकारी सौरब झींगटा सहित लगभग तीस कर्मचारियों ने बैठक में भाग लिया |

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