दिल्ली, चंडीगढ़ और आगरा में भारत की विरासत, आधुनिकता और लोकतंत्र से हुए रूबरू
एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल के पीएम श्री स्कूलों से चयनित 248 मेधावी छात्र-छात्राओं और निराश्रित बच्चों का शैक्षणिक दल पांच दिवसीय ऐतिहासिक भ्रमण के बाद उत्साहपूर्वक प्रदेश लौट आया है।
चंडीगढ़, दिल्ली और आगरा की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित हुए इन विद्यार्थियों ने अनुभव-आधारित शिक्षा (Experiential Learning) का अनूठा अनुभव प्राप्त किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को कक्षा की सीमाओं से बाहर निकालकर उन्हें देश की समृद्ध विरासत, आधुनिक संस्थानों और नागरिक चेतना से जोड़ना था।
यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने नेहरू प्लैनेटोरियम, प्रधानमंत्री संग्रहालय, राष्ट्रपति भवन, लाल किला, आगरा का ताजमहल और फतेहपुर सीकरी का बुलंद दरवाजा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन किया।

इन स्थलों ने विद्यार्थियों में न केवल जिज्ञासा और ज्ञान के प्रति रुचि उत्पन्न की, बल्कि उन्हें भारत के वैभवशाली अतीत और जीवंत लोकतांत्रिक वर्तमान की झलक भी प्रदान की।
इस दल में प्रदेश के सभी 12 जिलों से चयनित मेधावी छात्रों के साथ वे वंचित और निराश्रित बच्चे भी शामिल थे, जिनके लिए यह यात्रा एक अविस्मरणीय अनुभव और आत्म-प्रेरणा का स्रोत साबित हुई।
इसको लेकर बच्चों में उत्साह देखा गया और उन्होंने राज्य सरकार तथा समग्र शिक्षा का शैक्षणिक यात्रा का अमूल्य अवसर प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत न केवल शिक्षकों, बल्कि छात्रों के लिए भी शैक्षणिक यात्राओं का सिलसिला निरंतर जारी है।
हाल ही में प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 50 मेधावी छात्र सिंगापुर और कंबोडिया की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक यात्रा से लौटे हैं। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न हिस्सों की यात्राएं भी छात्रों द्वारा की जा चुकी हैं।
ये शैक्षणिक भ्रमण प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। विशेष रूप से दूरदराज़ और वंचित वर्ग के बच्चों को देश की विविधता, गौरव और आधुनिकता से प्रत्यक्ष रूप से जोड़कर यह पहल उनके व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे रही है।
समग्र शिक्षा के तहत किए जा रहे ऐसे नवाचारी प्रयास न केवल छात्रों को शैक्षणिक रूप से सशक्त बना रहे हैं, बल्कि उन्हें देश की विरासत और मूल्यों से जोड़कर जिम्मेदार नागरिक भी बना रहे हैं।
पीएम श्री योजना के राज्य नोडल अधिकारी रविंदर सिंह ने बताया कि समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस यात्रा ने विद्यार्थियों को देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहरों से परिचित कराया है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अनुभव छात्रों के दृष्टिकोण को विस्तारित करते हैं और उन्हें जीवन भर सीखते रहने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।







