मणिमहेश यात्रा में 2 और श्रद्धालुओं की मौत, हादसों में मृतकों की संख्या 7 पहुँची

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एप्पल न्यूज, मणिमहेश चम्बा
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में चल रही पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। हड़सर-मणिमहेश पैदल मार्ग पर सुंदरासी के पास भूस्खलन की चपेट में आने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस हादसे के बाद इस बार की यात्रा में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर सात हो गई है।

जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान सरवन सिंह (गांव ढालोवाल, जिला होशियारपुर, पंजाब) और शेखर चंद्र पुत्र देश राज (गांव बरोटा, तहसील इंदौरा, हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई है।

बताया जाता है कि दोनों श्रद्धालु पवित्र डल झील में आस्था की डुबकी लगाने के बाद वापसी पर थे। जैसे ही वे सुंदरासी के समीप पहुँचे, अचानक पहाड़ी दरक गई और वे भारी मलबे की चपेट में आ गए। घटना स्थल पर ही दोनों की मौत हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात रेस्क्यू दल तुरंत सक्रिय हुआ और राहत कार्य शुरू किया। दोनों शवों को मलबे से निकालकर भरमौर लाया गया। पुलिस के अनुसार, सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

इस बार की यात्रा में अब तक सात मौतें

मणिमहेश यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, लेकिन इस बार लगातार हादसे घट रहे हैं। अब तक:

भूस्खलन से 3 मौतें हड़सर-मणिमहेश मार्ग पर दर्ज की गई हैं।

एक श्रद्धालु की मौत अचानक सांस लेने में दिक्कत के चलते हुई।

वहीं, चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन दुर्घटना के दौरान रावी नदी में कार गिरने से पंजाब के तीन श्रद्धालुओं की जान चली गई।

इस प्रकार, अब तक कुल सात श्रद्धालु यात्रा के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं।

प्रशासन की अपील

उधर, एसपी चंबा अभिषेक यादव ने हादसे की पुष्टि करते हुए श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा मार्ग पर सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें।

उन्होंने कहा कि इस मौसम में मार्ग पर भूस्खलन की घटनाओं की संभावना बनी रहती है, इसलिए श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें और प्रशासन की अनुमति से ही यात्रा करें।

आस्था और जोखिम

गौरतलब है कि मणिमहेश यात्रा शिवभक्तों के लिए अटूट आस्था का प्रतीक है। चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में समुद्र तल से लगभग 13,500 फीट की ऊँचाई पर स्थित मणिमहेश डल झील तक पहुँचने के लिए श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा करते हैं।

प्राकृतिक आपदाओं और दुर्गम रास्तों के बावजूद हर वर्ष हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए यहाँ पहुँचते हैं।

इस बार की यात्रा में लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासन और श्रद्धालुओं दोनों की चिंता बढ़ा दी है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में मातम का माहौल है, वहीं यात्रा पर निकले अन्य श्रद्धालुओं में भय का वातावरण देखा जा रहा है।

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