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कार्निवल के नाम पर उगाही कर रही कांग्रेस सरकार, सरकारी तंत्र बना वसूली का हथियार- सुधीर शर्मा

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उगाही मांग–मांग कर तमाशा दिखाने वालों का पर्दा भी उठेगा — कांग्रेस की तानाशाही बेनकाब

एप्पल न्यूज़, शिमला/कांगड़ा

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में आज कार्निवल जैसे सांस्कृतिक आयोजनों की आड़ में दबाव बनाकर पैसे मांगने की राजनीति चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है और सरकारी विभागों का दुरुपयोग कर खुलेआम उगाही करवाई जा रही है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि कांगड़ा वैली कार्निवल के नाम पर पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस एजेंसियों, राइस एवं फ्लोर मिलर्स, ईंट भट्ठा मालिकों और अन्य लाइसेंसधारकों से सरकारी पत्र जारी कर आर्थिक योगदान मांगा जाना बेहद शर्मनाक है। यह पत्र इस बात का जीवंत प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार किस तरह से प्रशासनिक ताकत का गलत इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि यह कोई स्वैच्छिक सहयोग नहीं बल्कि डर और दबाव के माहौल में की जा रही उगाही है। सरकार यदि आयोजन करना चाहती है तो उसके लिए बजट का प्रावधान करे, न कि व्यापारियों और लाइसेंसधारकों पर बोझ डाले।

“उगाही मांग–मांग कर तमाशा दिखाने वालों,

ये पर्दा तुम्हारे चेहरे पर से भी एक दिन उठेगा”

सुधीर शर्मा ने इस काव्यात्मक पंक्ति के माध्यम से कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता के बल पर जो आज उगाही का तमाशा कर रहे हैं, उनका असली चेहरा भी बहुत जल्द जनता के सामने आ जाएगा। प्रदेश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।

हिमाचल में तानाशाही और भय का वातावरण

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आज तानाशाही जैसा माहौल बना दिया गया है। अधिकारी राजनीतिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं और व्यापारी वर्ग भय के साये में जी रहा है। कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलते हुए प्रशासन को अपनी राजनीतिक वसूली एजेंसी में बदल चुकी है।

सुधीर शर्मा ने सवाल उठाया कि—

क्या कार्निवल आयोजित करना सरकार की जिम्मेदारी नहीं है?

क्या इसके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया?

और यदि नहीं, तो सरकारी लेटरहेड पर चंदा क्यों मांगा जा रहा है?

भाजपा करेगी सड़क से सदन तक संघर्ष

भाजपा विधायक ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और सरकारी तंत्र के इस दुरुपयोग के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की तानाशाही, उगाही और अव्यवस्था का अंत तय है और प्रदेश की जनता इसका करारा जवाब देगी।

कार्निवल के नाम पर उगाही कर रही कांग्रेस सरकार, सरकारी तंत्र बना वसूली का हथियार — सुधीर शर्मा

उगाही मांग–मांग कर तमाशा दिखाने वालों का पर्दा भी उठेगा — कांग्रेस की तानाशाही बेनकाब

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में आज कार्निवल जैसे सांस्कृतिक आयोजनों की आड़ में दबाव बनाकर पैसे मांगने की राजनीति चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है और सरकारी विभागों का दुरुपयोग कर खुलेआम उगाही करवाई जा रही है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि कांगड़ा वैली कार्निवल के नाम पर पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस एजेंसियों, राइस एवं फ्लोर मिलर्स, ईंट भट्ठा मालिकों और अन्य लाइसेंसधारकों से सरकारी पत्र जारी कर आर्थिक योगदान मांगा जाना बेहद शर्मनाक है। यह पत्र इस बात का जीवंत प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार किस तरह से प्रशासनिक ताकत का गलत इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि यह कोई स्वैच्छिक सहयोग नहीं बल्कि डर और दबाव के माहौल में की जा रही उगाही है। सरकार यदि आयोजन करना चाहती है तो उसके लिए बजट का प्रावधान करे, न कि व्यापारियों और लाइसेंसधारकों पर बोझ डाले।

“उगाही मांग–मांग कर तमाशा दिखाने वालों,

ये पर्दा तुम्हारे चेहरे पर से भी एक दिन उठेगा”

सुधीर शर्मा ने इस काव्यात्मक पंक्ति के माध्यम से कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता के बल पर जो आज उगाही का तमाशा कर रहे हैं, उनका असली चेहरा भी बहुत जल्द जनता के सामने आ जाएगा। प्रदेश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।

हिमाचल में तानाशाही और भय का वातावरण

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आज तानाशाही जैसा माहौल बना दिया गया है। अधिकारी राजनीतिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं और व्यापारी वर्ग भय के साये में जी रहा है। कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलते हुए प्रशासन को अपनी राजनीतिक वसूली एजेंसी में बदल चुकी है।

सुधीर शर्मा ने सवाल उठाया कि—

क्या कार्निवल आयोजित करना सरकार की जिम्मेदारी नहीं है?

क्या इसके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया?

और यदि नहीं, तो सरकारी लेटरहेड पर चंदा क्यों मांगा जा रहा है?

भाजपा करेगी सड़क से सदन तक संघर्ष

भाजपा विधायक ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और सरकारी तंत्र के इस दुरुपयोग के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की तानाशाही, उगाही और अव्यवस्था का अंत तय है और प्रदेश की जनता इसका करारा जवाब देगी।

पत्र में “कार्निवल” की गलत स्पेलिंग भी कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक अयोग्यता का प्रमाण

सुधीर शर्मा ने कहा कि इससे भी अधिक हैरानी की बात यह है कि जिस पत्र के माध्यम से पैसे मांगे जा रहे हैं, उसमें “कार्निवल” शब्द की स्पेलिंग अनेक बार गलत लिखी गई है। यह दर्शाता है कि सरकार न केवल उगाही कर रही है बल्कि बिना जांच, बिना जिम्मेदारी और बिना योग्यता के सरकारी पत्र जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सरकारी कर्मचारी इतनी लापरवाही से आधिकारिक पत्र जारी करेगा, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक अयोग्यता है बल्कि सरकारी प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। भाजपा मांग करती है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।

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