एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत राजीव राणा को हिमाचल प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है, जिसे सामाजिक न्याय और समावेशी राजनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।
राजीव राणा वर्तमान में प्रदेश चेयरमैन, असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (के.के.सी.), हिमाचल प्रदेश तथा सचिव, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) जैसे अहम संगठनात्मक दायित्व निभा चुके हैं।

लंबे समय से वे जमीनी राजनीति, मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, पिछड़े एवं वंचित वर्गों की समस्याओं को मजबूती से उठाते रहे हैं। उनका प्रशासनिक समझ, संगठनात्मक अनुभव और जनसरोकारों से सीधा जुड़ाव उन्हें इस दायित्व के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाता है।
राजीव राणा की पहचान एक संघर्षशील, कर्मठ और जनसेवा को समर्पित नेता के रूप में रही है। असंगठित मजदूरों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा, आरक्षण से जुड़े मुद्दों तथा सामाजिक न्याय के प्रश्नों पर उन्होंने लगातार सरकार और संगठन के स्तर पर प्रभावी भूमिका निभाई है।

यही कारण है कि उनकी नियुक्ति को पिछड़ा वर्ग समाज के लिए एक मजबूत प्रतिनिधित्व और विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजीव राणा ने माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व है। वे आयोग के माध्यम से पिछड़ा वर्ग समाज की वास्तविक समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने, नीतिगत सुझाव देने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में जो संकल्प लेकर चल रही है, उसे मजबूती देने में वे आयोग के सदस्य के रूप में पूरी ईमानदारी और सक्रियता से योगदान देंगे।
राजीव राणा की इस नियुक्ति से न केवल पिछड़ा वर्ग आयोग को अनुभवी नेतृत्व मिलेगा, बल्कि कांग्रेस पार्टी की जनपक्षधर राजनीति को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।







