एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) मॉडल रूल्स, 2016 के तहत गठित राज्य चयन समिति (State Selection Committee) का पुनर्गठन कर दिया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं के अनुसार समिति के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति तीन वर्षों के लिए की गई है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

सरकार ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुरिंदर सिंह ठाकुर को राज्य चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। न्यायमूर्ति ठाकुर का न्यायिक अनुभव बाल न्याय से जुड़े मामलों में समिति के कार्यों को मजबूती प्रदान करेगा।
इसके साथ ही समिति में दो नए सदस्यों को भी नामित किया गया है। इनमें के.एस. भारती, निवासी नादौन (जिला हमीरपुर) और अनिता ठाकुर, निवासी संजौली (जिला शिमला) शामिल हैं। दोनों सदस्यों का कार्यकाल भी तीन वर्षों का होगा।

राज्य चयन समिति का मुख्य दायित्व किशोर न्याय से संबंधित संस्थानों, समितियों और बोर्डों के गठन व चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। इस समिति की भूमिका बाल संरक्षण, पुनर्वास और न्याय सुनिश्चित करने में अहम मानी जाती है।

अधिसूचना के अनुसार ये नियुक्तियां राज्यपाल द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत की गई हैं। आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) श्याम भगत नेगी, आईपीएस द्वारा जारी किए गए हैं।
सरकार के इस कदम को बाल अधिकारों की सुरक्षा और किशोर न्याय प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।







