IMG_20260124_200231
previous arrow
next arrow

IGMC के आरोपी डॉक्टर को पहले ही “माफ़ी” मांगनी चाहिए थी, रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल ग़लत- स्वास्थ्य मंत्री

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज़, शिमला

हिमाचल प्रदेश में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में लगातार बयानबाज़ी जारी है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल ने डॉक्टरों की हड़ताल को ग़लत ठहराया है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल ने रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को अनुचित करार देते हुए कहा है कि यदि आरोपी डॉक्टर ने समय रहते अपनी गलती स्वीकार कर माफ़ी मांग ली होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।

उन्होंने कहा कि इस स्थिति से आसानी से बचा जा सकता था, यदि आरोपी डॉक्टर ने समय रहते अपनी गलती स्वीकार कर माफ़ी मांग ली होती।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिस दिन रेजिडेंट डॉक्टर मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के लिए पहुंचे थे, उसी दिन आरोपी डॉक्टर को पहल करते हुए माफ़ी मांगनी चाहिए थी।

उनका कहना है कि ऐसा होने पर मामला वहीं शांत हो सकता था और न तो हड़ताल की नौबत आती और न ही आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ती। शांडिल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि संवाद और विनम्रता से कई बड़े विवादों को टाला जा सकता है।


डॉ. शांडिल ने यह भी कहा कि सरकार की ओर से सख़्त निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी हालत में इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता की बुनियादी ज़रूरत हैं और इनमें किसी भी प्रकार का व्यवधान गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।

उन्होंने माना कि हड़ताल के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री के प्रदेश लौटते ही इस पूरे मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि समाधान निकालना है।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का कार्य समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और ज़िम्मेदारी भरा होता है, इसलिए उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे हर परिस्थिति में संयम और संवेदनशीलता बनाए रखें।
डॉ. शांडिल ने यह भी साफ़ किया कि हिमाचल प्रदेश सरकार किसी भी डॉक्टर के करियर को नुकसान पहुंचाने के पक्ष में नहीं है। सरकार चाहती है कि हर गलती में सुधार की गुंजाइश बने और सभी पक्ष आपसी बातचीत के ज़रिये रास्ता निकालें।

हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि हड़ताल के माध्यम से दबाव बनाना सही तरीका नहीं है, क्योंकि इसका सीधा असर आम लोगों और मरीजों पर पड़ता है।
अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने अपील की कि सभी संबंधित पक्ष जनहित को सर्वोपरि रखते हुए संयम से काम लें और बातचीत के ज़रिये इस विवाद का स्थायी समाधान निकालें, ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं फिर से सामान्य रूप से संचालित हो सकें।

Share from A4appleNews:

Next Post

एक पंचायत 2.5 km तो 6 km दूर क्यों जाएं, बाड़नू पुनर्गठन के समर्थन में जनप्रतिनिधि व ग्रामीण एकजुट, विरोध को बताया अनावश्यक, DC को सौंपा ज्ञापन

Sun Dec 28 , 2025
एप्पल न्यूज़, बिलासपुरग्राम पंचायत बाड़नू के पुनर्गठन को लेकर स्थिति लगातार स्पष्ट होती जा रही है। गांव बाड़नू को ग्राम पंचायत सुई-सुरहाड़ में शामिल किए जाने के समर्थन में न केवल ग्रामीण बल्कि सुई-सुरहाड़ पंचायत के पूर्व जनप्रतिनिधि भी खुलकर सामने आ गए हैं।इस संबंध में उपायुक्त बिलासपुर को भेजे […]

You May Like

Breaking News