IMG_20260124_200231
previous arrow
next arrow

हिमाचल के 17,632 गांवों के हर घर में नल से जल, 10 दिन में जल स्रोतों के निरीक्षण करने के निर्देश- डॉ. अभिषेक जैन

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज़, शिमला

सचिव जल शक्ति विभाग डॉ. अभिषेक जैन ने हिमाचल प्रदेश में पेयजल स्रोतों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। उन्होंने ‘फिक्स इट लेटर’ की धारणा को छोड़कर, समय रहते रोकथाम और ज़िम्मेदार प्रबंधन अपनाने पर बल दिया।

बैठक का उद्देश्य न केवल विभाग द्वारा चलाई जा रही पेयजल योजनाओं का जीर्णोद्धार सुनिश्चित करना था, बल्कि मल निकासी संयंत्रों की नियमित निगरानी के लिए आवश्यक उपाय अपनाने के लिए दिशा-निर्देश देना भी था।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जब समाज को पानी के महत्त्व को नए सिरे से समझने की आवश्यकता है। लोगों को ‘फिक्स इट लेटर’ का रवैया छोड़कर समय रहते जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन की ज़िम्मेदारी सामूहिक रूप से अपनानी होगी।


बैठक में अवगत करवाया कि ग्रामीण क्षेत्रों के 17,632 गांवों में हर घर को नल से जल उपलब्ध करवाया जा चुका है। प्रदेश में जल गुणवत्ता की जांच के लिए 72 प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं, जिनमें ज़िला, उप-मंडल और एक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला शामिल है।
श्री जैन ने सभी फील्ड अधिकारियों को हर दस दिन में जल स्रोतों और भंडारण टैंकों का निरीक्षण करने और नियमित रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों, खंड रिसोर्स पर्सन और फील्ड स्टाफ को नालों, खड्डों, झरनों और अन्य स्रोतों की जांच करने तथा फील्ड टेस्ट किट से पानी की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने सभी सफ़ाई और सुधार कार्य 15 दिन के भीतर पूरे करने तथा जल शोधन संयंत्रों और मल निकासी संयंत्रों की नियमित जांच करने और रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने जनता से जल स्रोतों की सुरक्षा में सहयोग की अपील की और कहा कि ज़रूरत पड़ने पर लोग स्वयं भी पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में दे सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्रोत पर ही प्रदूषण रोकना सबसे सस्ता और टिकाऊ समाधान है।

उन्होंने पानी की पाइप लाइनों में रिसाव पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री स्वयं विभाग की पेयजल और अन्य योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित कर रहे हैं
इस अवसर पर जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने कहा कि दिसंबर तक ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के कुल 2,16,382 नमूने एकत्रित किए गए हैं जिनमें से केवल 5 नमूने मानकों पर खरे नही उतरे।

इसके अलावा, 1,71,250 नमूनों की जांच फील्ड टेस्टिंग किट (एफटीकेएस) के माध्यम से की गई। विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में 21,392 पेयजल स्रोतों और 15,611 गांवों के पानी के नमूने जांचे और 18,784 पेयजल स्रोतों के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण किए।

यह कार्य ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर्स (बीआरसी), जमीनी स्तर की फील्ड टीमों और ग्राम जल स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससीएस) के माध्यम से किया गया।

विभाग द्वारा किए जा रहे तमाम ऐसे प्रयास सभी नागरिकों को सुरक्षित और विश्वसनीय पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए विभाग के निरंतर प्रयासों और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

Share from A4appleNews:

Next Post

कांग्रेस जिला अध्यक्षों की पहली बैठक 8 जनवरी को शिमला में, मनरेगा बचाओ संग्राम पर होंगी चर्चा - विनय

Tue Jan 6 , 2026
एप्पल न्यूज़, शिमला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने 8 जनवरी को नव नियुक्त जिला अध्यक्षों की एक आवश्यक बैठक शिमला में बुलाई है। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने व इसे कमजोर करने के खिलाफ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशानिर्देश पर 10 जनवरी से 25 […]

You May Like

Breaking News