एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में 19 जनवरी को एक अहम दिन रहने वाला है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार, 19 जनवरी को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 11 बजे राज्य सचिवालय के शिखर सम्मेलन हाल में आयोजित होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित सचिवों को बैठक के लिए एजेंडा तैयार करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं।
इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा पंचायत चुनाव हो सकता है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 30 अप्रैल से पहले पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, वर्तमान में चल रही परिसीमन प्रक्रिया के चलते इस समय-सीमा का पालन कर पाना सरकार के लिए व्यावहारिक रूप से मुश्किल माना जा रहा है।
ऐसे में कैबिनेट में इस आदेश के खिलाफ अपील करने या वैकल्पिक कानूनी रास्ता अपनाने पर फैसला लिया जा सकता है।
कैबिनेट बैठक के ठीक अगले दिन यानी 20 जनवरी को हिमाचल प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में मुख्य सचिव और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल होंगे।
माना जा रहा है कि 19 जनवरी को कैबिनेट में लिए गए फैसलों की औपचारिक जानकारी राज्य चुनाव आयोग को 20 जनवरी को दी जाएगी, ताकि आगे की चुनावी प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लिया जा सके।
इधर, राज्य सरकार फरवरी में पेश होने वाले नए बजट की तैयारियों में भी जुटने जा रही है। इसके लिए फरवरी के पहले सप्ताह में विधायकों के साथ प्राथमिकता बैठकें आयोजित की जाएंगी।
केंद्र सरकार का आम बजट 1 फरवरी को पेश होगा, जिसमें रेल बजट भी शामिल रहेगा। इसी संसद सत्र में 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें भी पेश की जानी हैं।
हिमाचल प्रदेश के लिए यह जानना बेहद अहम होगा कि 16वें वित्त आयोग ने राज्य के लिए क्या सिफारिशें की हैं, क्योंकि अगले पांच वर्षों की वित्तीय दिशा काफी हद तक इन्हीं सिफारिशों पर निर्भर करेगी।
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बुधवार को दिल्ली जाने की भी संभावना जताई जा रही है। वहां वे कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर सकते हैं।
हाल ही में सेब बागबानों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि वे सेब आयात शुल्क का मुद्दा दिल्ली में वित्त मंत्री और वाणिज्य मंत्री के समक्ष उठाएंगे। ऐसे में उनका यह दौरा राज्य के बागबान वर्ग के लिए भी खास महत्व रखता है।
कुल मिलाकर, 19 जनवरी की कैबिनेट बैठक न सिर्फ पंचायत चुनावों बल्कि राज्य की आगामी वित्तीय और राजनीतिक दिशा तय करने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।







