एप्पल न्यूज़, शिमला
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने ठेकेदारों के लंबित भुगतानों की अदायगी के लिए 500 करोड़ रुपये जारी किए हैं, ताकि 1 मार्च तक की बकाया राशि का भुगतान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी राज्य सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए 250 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
नरेश चौहान ने आज यहां मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ कार्य कर रही है और प्रदेश के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार टिप्पणी कर रहा है, लेकिन उन्हें आलोचना करने के बजाय सरकार के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के नेता राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता यह पूछेगी कि जब हिमाचल प्रदेश के हितों की बात की जा रही थी, तब विपक्ष क्या कर रहा था।
नरेश चौहान ने कहा कि आपदा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी, लेकिन यह राशि अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सांसद रजनी पाटिल ने संसद में इस मुद्दे को उठाया, जबकि हिमाचल प्रदेश के भाजपा सांसदों ने आरडीजी बंद किए जाने और वित्तीय सहायता के मुद्दे को नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है, यह एक गंभीर प्रश्न है।
उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने के बावजूद राज्य सरकार वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने और विकास कार्यों को जारी रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।





