एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में मंडी में आयोजित आम आदमी पार्टी (AAP) की रैली के बाद बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस रैली में पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया की मौजूदगी ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
रैली के जरिए AAP ने प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की है।
इसी बीच जब नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से मंडी में AAP की बढ़ती सक्रियता को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि
“मनीष सिसोदिया पहले भी हिमाचल आए थे और उसके बाद जेल चले गए थे।”
जयराम ठाकुर के इस बयान को सिसोदिया से जुड़े कानूनी मामलों पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

जयराम ठाकुर ने आगे यह भी संकेत दिया कि आम आदमी पार्टी का हिमाचल में कोई खास प्रभाव नहीं है और प्रदेश की जनता पारंपरिक दलों पर ही भरोसा जताती आई है।
उन्होंने कहा कि AAP केवल रैलियों और बड़े-बड़े दावों के सहारे राजनीति करने की कोशिश कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसकी पकड़ कमजोर है।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने मंडी रैली को सफल बताते हुए दावा किया है कि प्रदेश में जनता बदलाव चाहती है और AAP एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर वे जनता के बीच जा रहे हैं और उन्हें अच्छा समर्थन मिल रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मुकाबला मुख्य रूप से सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है, लेकिन AAP लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रही है। ऐसे में आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति और दिलचस्प हो सकती है।
मंडी की इस रैली और उसके बाद आए बयानों से साफ है कि हिमाचल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहेगा।
आगामी चुनावों को देखते हुए सभी दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुट गए हैं, जिससे प्रदेश का सियासी पारा और चढ़ने की संभावना है।





