एप्पल न्यूज़, शिलाई/सिरमौर
सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र की टटीयाणा पंचायत ने एक बार फिर सामाजिक एकता और लोकतांत्रिक परंपरा की अनूठी मिसाल कायम की है।
पंचायत के लोगों ने लगातार दूसरी बार सर्वसम्मति से सभी पंचायत प्रतिनिधियों का चयन कर यह साबित किया है कि आपसी सहयोग और सद्भाव से लोकतंत्र को और मजबूत बनाया जा सकता है। अब पंचायत के किसी भी पद के लिए चुनाव नहीं होगा।
रविवार को ऐतिहासिक शाठी पाशी चौतरा में पंचायत के लोग एकत्रित हुए, जहां महासू देवता के प्रांगण में सर्वसम्मति से पंचायत प्रतिनिधियों का चयन किया गया।

इस दौरान प्रधान पद के लिए पूनम शर्मा, उपप्रधान पद के लिए दाता राम शर्मा तथा बीडीसी सदस्य के लिए प्रियंका शर्मा के नाम पर सहमति बनी।
ग्रामीणों ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व भी पंचायत प्रतिनिधियों का चयन सर्वसम्मति से किया गया था और इस बार भी गांववासियों ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सभी पदों पर निर्विरोध चयन सुनिश्चित किया है।
उनका कहना है कि गांव के ऐतिहासिक शाठी पाशी चौतरा में हमेशा महत्वपूर्ण सामाजिक और सामुदायिक निर्णय लिए जाते रहे हैं, और पंचायत चुनाव का यह फैसला भी उन्हीं ऐतिहासिक निर्णयों में शामिल हो गया है।
सर्वसम्मति से उपप्रधान चुने गए दाता राम शर्मा ने पंचायतवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा पैनल गांव की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेगा और पंचायत के विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के सर्वसम्मत चुनाव से न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि गांव में भाईचारा और सामाजिक सौहार्द भी मजबूत होता है।
चुनावी प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न होने वाले मतभेद और गुटबाजी से बचाव होता है, जिससे पंचायत के विकास कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ते हैं।
टटीयाणा पंचायत का यह मॉडल आज के समय में सामाजिक एकता, सहयोग और लोकतंत्र की सच्ची भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।








