गोपाल योजना के तहत 14.68 करोड़ रुपये वितरित, बेसहारा गौवंश का संरक्षण होगा सुनिश्चित

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज़, शिमला

राज्य सरकार ने बेसहारा गौवंश की बढ़ती समस्या के समाधान तथा किसानों की फसलों की रक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वित्तीय वर्ष 2025दृ26 के दौरान गोपाल योजना के अंतर्गत 14.68 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। इस राशि से राज्य में बेसहारा गायों की उचित देखभाल और आश्रय सुनिश्चित किया गया।
बेसहारा पशुओं से उत्पन्न गंभीर समस्याओं, विशेषकर फसलों को होने वाले नुकसान को देखते हुए सरकार ने समस्या के समाधान की दिशा में ठोस प्रयास किए हैं।

बेसहारा पशुओं के कारण फसलों को होने वाले नुकसान से किसानों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ती थी, जिससे कुछ स्थानों पर किसानों को कम खेती या खेती छोड़ने तक के लिए मजबूर होना पड़ता था।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि गौवंश की देखभाल के दृष्टिगत सरकार ने महत्त्वपूर्ण पहल करते हुए पंजीकृत गौशालाओं तथा अभ्यारण्यों में गायों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

इन गौशालाओं को दिया जाने वाला मासिक अनुदान 700 रुपये से बढ़ाकर 1,200 रुपये प्रति गाय किया गया है, जो 1 अक्तूबर, 2025 से प्रभावी है। यह वित्तीय सहायता हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग के माध्यम से वितरित की जा रही है, जिससे पशुओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो रहा है।
प्रवक्ता ने बताया कि बेसहारा गौवंश के उचित पुनर्वास से न केवल किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो रहा है बल्कि किसान पुनः खेती की ओर प्रेरित हो रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी के साथ-साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि बजट 2026दृ27 में बेसहारा गौवंश के पुनर्वास के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने कई गौ अभ्यारण्य और बड़े गौसदनों की स्थापना की है।

प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों तथा इच्छुक उद्योग समूहों को किसी भी सरकारी गौसदन या गौ अभ्यारण्य को गोद लेने की अनुमति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आरडीजी बंद होने के बावजूद किसानों और बागवानों को दी जाने वाली सहायता में किसी प्रकार की धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।  

Share from A4appleNews:

You May Like

Breaking News