हिमाचल में सरकारी नौकरी में नियुक्ति से पहले “डोप टेस्ट” होगा अनिवार्य -सुक्खू

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सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

एप्पल न्यूज़, शिमला

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित बैठक में बजट घोषणा के अनुसार चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित ग्रेच्युटी एवं अवकाश नकदीकरण के भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विभागाध्यक्षों को करुणामूलक आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों का पूरा विवरण उपलब्ध करवाने को कहा ताकि प्रदेश सरकार इन मामलों में उचित निर्णय ले सके।
मुख्यमंत्री ने चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने चिट्टा के विरुद्ध जन आंदोलन शुरू किया है तथा नशा माफिया के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। युवाओं को नशे की बुराई से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले अभ्यर्थियों का डोप टेस्ट अनिवार्य करने और इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए, ताकि इन्हें शीघ्र भरा जा सके।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 500 पद भरने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में आए तूफान के कारण वन भूमि पर गिरे और उखड़े पेड़ों की जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इन पेड़ों को हटाने के लिए 1 जून से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गिरे हुए पेड़ों को हटाने में देरी से राज्य को संसाधनों की हानि होती है इसलिए वन विभाग प्राथमिकता के आधार पर इनका शीघ्र निष्पादन और निस्तारण सुनिश्चित करे।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत एवं ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और आशीष सिंहमार सहित अन्य प्रशासनिक सचिव इस बैठक में उपस्थित थे।

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