एप्पल न्यूज़, भरमौर/चंबा
विश्व प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा 2026 का आधिकारिक शुभारंभ 25 अगस्त से होगा और यात्रा 19 सितंबर तक चलेगी। जिला प्रशासन ने यात्रा की तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं के लिए 1 अगस्त से ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। इस वर्ष पंजीकरण शुल्क 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है।
मणिमहेश ट्रस्ट की बैठक में उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल की अध्यक्षता में यात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनकराज भी उपस्थित रहे।
प्रतिदिन 5,000 श्रद्धालुओं के लिए स्लॉट
प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा की तर्ज पर शुरुआत में प्रतिदिन 5,000 श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन स्लॉट निर्धारित किए हैं। कृष्ण जन्माष्टमी और राधाष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या, मौसम और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए स्लॉट बढ़ाए जा सकते हैं।
हेलिटैक्सी और ड्रोन निगरानी
यात्रा के दौरान 25 अगस्त से हेलिटैक्सी सेवा भी उपलब्ध रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए यात्रा मार्ग पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी तथा भरमौर-हड़सर मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
15 अगस्त तक पूरे होंगे सभी इंतजाम
उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को निर्देश दिए हैं कि 15 अगस्त तक सड़कों से मलबा हटाने, क्षतिग्रस्त पुलियों और रिटेनिंग वॉल की मरम्मत, पैरापिट तथा साइनेज लगाने सहित सभी जरूरी कार्य पूरे किए जाएं।
बाहरी श्रद्धालुओं के लिए कुगती परिक्रमा मार्ग बंद
पिछले वर्ष के अनुभवों को देखते हुए यात्रा अवधि के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कुगती परिक्रमा मार्ग बंद रहेगा। हालांकि लाहुल और कुगती क्षेत्र के स्थानीय श्रद्धालुओं पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
एनजीटी के निर्देशों का होगा पालन
प्रशासन ने सभी विभागों, लंगर समितियों और दुकानदारों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। यात्रा के दौरान प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
लंगर समितियों के लिए नई व्यवस्था
यात्रा के दौरान लंगर लगाने वाली समितियों से 12,000 रुपये पंजीकरण शुल्क और 25,000 रुपये सुरक्षा राशि ली जाएगी। वैकल्पिक रूप से समितियां अपने स्तर पर दो सफाई कर्मचारी भी तैनात कर सकेंगी। हड़सर से मणिमहेश तक लगने वाले लंगरों और दुकानों की अनुमति एवं शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया बीडीओ और डीएफओ भरमौर कार्यालयों के माध्यम से पूरी की जाएगी।






