एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने 15 अगस्त को महंगाई भत्ते (DA) की देय किश्त जारी न होने पर चिंता जताई है। महासंघ ने कहा कि DA के भुगतान में लगातार देरी से कर्मचारियों और पेंशनरों में भविष्य में इसके समयबद्ध भुगतान को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं।
महासंघ के अनुसार प्रदेश में लंबित DA का बकाया करीब 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं 15 प्रतिशत लंबित DA के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों पर करीब 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक देनदारी बन रही है। महासंघ ने आशंका जताई कि बढ़ते वित्तीय बोझ के चलते भविष्य में DA को फ्रीज करने अथवा केंद्र सरकार के DA पैटर्न को लागू न करने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
महासंघ ने हाल में देय 4 प्रतिशत DA के स्थान पर 3 प्रतिशत DA जारी किए जाने को भी अपनी चिंता का आधार बताया। महासंघ का कहना है कि DA वेतन और पेंशन का अभिन्न हिस्सा है तथा इसका उद्देश्य महंगाई के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों की क्रय शक्ति में आई कमी की भरपाई करना है।
महासंघ ने कहा कि वेतन और पेंशन संशोधन से संबंधित करीब 7,000 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान भी अभी लंबित है। इसके साथ DA की लंबित किश्तों का बढ़ता बोझ सेवारत कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के बीच आर्थिक अनिश्चितता पैदा कर रहा है।
2022 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्या उठाई
महासंघ ने विशेष रूप से 1 जुलाई 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की समस्या उठाई। महासंघ के अनुसार इन कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ और अन्य वित्तीय देयताओं की गणना कम DA दर के आधार पर की जा रही है।
महासंघ का आरोप है कि 1 जुलाई 2022 के बाद देय तीन DA किश्तों को पिछली अवधि का लाभ दिए बिना केवल भविष्य की तिथि से लागू किया गया। इससे संबंधित कर्मचारियों को बीच की अवधि के वास्तविक वित्तीय लाभ से वंचित होना पड़ा। महासंघ ने सेवानिवृत्ति लाभों के अंतिम निपटारे के समय इस विसंगति को दूर करने की मांग की है।
महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव हीरा लाल वर्मा ने राज्य सरकार से DA भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, केंद्र सरकार के स्थापित DA पैटर्न को बनाए रखने और सभी लंबित DA किश्तों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। महासंघ ने चेतावनी दी कि भुगतान में देरी से कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक कठिनाइयां और बढ़ेंगी तथा उनके वित्तीय अधिकारों को लेकर आशंकाएं गहरी होंगी।









