एप्पल न्यूज़, किन्नौर
किन्नौर के दुर्गम और ऊंचाई वाले चरागाहों में पशुधन के स्वास्थ्य की जांच के लिए पशुपालन विभाग की टीम ने सराहनीय पहल की है।
12 सितंबर 2026 को विभाग की टीम ने आसरंग गांव से करीब 5-6 घंटे की पैदल दूरी पर स्थित एक दुर्गम चरागाह का दौरा किया। समुद्र तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस चरागाह में करीब 500 भेड़-बकरियों के झुंड की जांच की गई।

टीम ने भेड़-बकरियों में फुट रॉट (खुर सड़न) नामक बीमारी के संभावित लक्षणों की जांच की और मौके पर ही आवश्यक उपचार किया। जांच के दौरान झुंड की 50 भेड़ बकरियों में खुर सड़न रोग पाया गया जिन्हे उपचार दिया गया. इसके साथ ही पशुपालकों को बीमारी के कारणों, लक्षणों, बचाव और रोकथाम के उपायों के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया।
अभियान का नेतृत्व डॉ. राकेश कुमार, पशुचिकित्सा अधिकारी, पवारी ने किया। उनके साथ डॉ. विजेंद्र नेगी, पशुचिकित्सा अधिकारी, किल्बा, प्रदीप, पशु औषधियोजक तथा मोबाइल पशुचिकित्सा इकाई से डॉ. मनीषा नेगी, कनिष्क और दिनेश मौजूद रहे।

दुर्गम एवं अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पशुपालकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए विभाग की इस पहल की सराहना की जा रही है। अधिकारियों ने पशुपालकों से आग्रह किया कि भेड़-बकरियों के खुरों में सूजन, लंगड़ापन, घाव या सड़न जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सकों से संपर्क करें, ताकि बीमारी को झुंड में फैलने से रोका जा सके।





