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सड़कों के निर्माण रख-रखाव पर व्यय होंगे 3921 करोड़, 340 लाख से बनेगा बैरघट्टा-कण्ढेरा पुल- परमार

एप्पल न्यूज, पालमपुर

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने सोमवार को सुलह विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कण्ढेरा में 3 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बैरघट्टा से कण्ढेरा सड़क मार्ग पर बनने वाले पुल का शिलान्यास किया।

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     कण्ढ़ेरा में जनसभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मौल खड्ड पर बनने वाले इस पुल से सुलह और जयसिंहपुर विधान सभा क्षेत्र के दर्जनों गांव आपस में जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि बैरघट्टा, कण्ढ़ेरा, ल्यौरा, बल-भूरियां, पंखी, टिक्कर, जीहण, गंदड़ इत्यादि गावों की लगभग 2 हजार से अधिक लोगों को सड़क सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क और पुल के निर्माण से जयसिंहपुर, थुरल और पालमपुर इत्यादि क्षेत्रों की दूरी भी कम होगी।

उन्होंने कहा कि सुलह हलके का सर्वांगीण विकास ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन और पेयजल क्षेत्र में व्यापक सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि थुरल और आस-पास क्षेत्रों में ही लगभग 38 करोड़ रुपये पुलों, सड़कों और भवनों पर व्यय किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुकैड खड्ड पर 1 करोड़ 25 लाख से पुल का निर्माण, ठाकुरद्वारा, सुजानपुर सड़क मार्ग पर मौल खड्ड पर 10 करोड़ से पुल निर्माण, थुरल से बच्छवाई सड़क और न्यूगल नदी पर पुल निर्माण पर 11 करोड़, थुरल से भाटी लाहड़ पंगा सड़क के विस्तार एवं सुधार पर अढ़ाई करोड़, डूहक से घरथूं सड़क के सुधार और विस्तार 2 करोड़ 40 लाख, थुरल से चलाह सड़क एवं पुल के निर्माण पर 5 करोड़ और थुरल में राजकीय महाविद्यालय के भवन निर्माण पर 5 करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि थुरल को तहसील का दर्जा और सिविल अस्पताल थुरल को स्तरोंन्नत कर 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि बैरघट्टा से डूहक को भी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

परमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में, जहाँ रेलवे और जल परिवहन के पर्याप्त साधन नहीं हैं, यहां सड़कों का बहुत महत्व है और प्रदेश के सभी गांवों को सड़क से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सड़कों, पुलों और भवनों की गुणवत्ता परखने के लिए मुख्यमन्त्री कार्यालय में गुणवत्ता निगरानी कक्ष स्थापित किया है।

उन्होंने कहा कि ”प्रधानमन्त्री ग्रामीण सड़क योजना“ से प्रदेश में सड़क नेटवर्क को विस्तृत करने में सहायता मिली है। इस योजना के अन्तर्गत 500 किलोमीटर लम्बी नई सड़कों, तथा 1,000 किलोमीटर वर्तमान सड़कों को टारिंग द्वारा अपग्रेड किया गया है। उन्होंने कहा कि ”मुख्यमन्त्री ग्राम सड़क योजना“ में भी 600 करोड़ रुपये से सड़कों का निर्माण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों के निर्माण के लिये तथा उनके रख-रखाव के लिये  3,921 करोड़ रुपये व्यय किये गये हैं।

इस अवसर पर स्थानीय लेागों ने 5100 रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए स्वास्थ्य मंत्री को भेंट किये।

     कार्यक्रम में भाजपा मंडलाध्यक्ष देश राज शर्मा, महामंत्री विपन जंवाल, पंचायत समिति की अध्यक्ष बीना जंवाल, पवना कुमारी, राकेश चौहान, सरोज शर्मा, ज्ञान चंद भूरिया, अमीर सिंह, संजू भाटिया, एसडीएम धीरा विकास जंवाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण मुनीष सहगल, अधिशासी अभियंता जल शक्ति अनिल पूरी, अधिशासी अभियंता विद्युत अरूण धीमान, आरएम, बीडीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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