कारगिल विजय दिवस शिमला के हीरा नगर में धूम धाम से मनाया, पूर्व सैनिक और वीरांगनाएं की सम्मानित

एप्पल न्यूज़, शिमला

एक्सरविसमेन वेलफेयर एसोसिएशन (पीबीओआर) और वेटरन इंडिया जिला शिमला के सौजन्य से घन्नाहाटी क्षेत्र हीरानगर में 26 जुलाई 2021 को कारगिल विजय दिवस मनाया गया ।

बड़ी संख्या में हमारे शिमला शहरी, शिमला ग्रामीण, मशोबरा ब्लॉक, सुनी ब्लॉक के पूर्व सैनिक,और वीरांगनाएं, शामिल हुई, इसके अतिरिक्त भारत माता से प्रेम रखने वाले देश प्रदेश भर से राष्ट्र प्रेम की बाते जानने और सुनने के प्रति और भी बहुत सारे गण मान्य लोगो ने पधार कर समारोह की शोभा बढ़ाई ।

समारोह का आयोजन वेटरन इंडिया शिमला हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष कैप्टन शामलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस प्रोग्राम के मुख्य अतिथी एवम् ( पूर्व मेंबर ऑफ पार्लियामेंट ) अविनाश राय खन्ना, बीजेपी कार्यभारी प्रभारी हिमाचल प्रदेश थे ।

सर्व प्रथम सुबह 11 बजे सब से पहले शहीदों की याद में उनको श्रद्धांजलियां अर्पित गई ।

मुख्य अतिथि द्वारा कारगिल युद्ध की 04 वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया जिनके नाम है, वीरांगना शकुंतला (पत्नी स्वर्गीय सूबेदार वेद प्रकाश डोगरा रेजिमेंट, शौर्य चक्र, मृत्यु उपरांत) वीरांगना शीला ठाकुर (पत्नी नायक वीरेंद्र ठाकुर, ऑर्डनेंस कोर) वीरांगना लता कुमारी (पत्नी स्वर्गीय नायक सोम दत्त डोगरा रेजिमेंट) तथा हिमाचली देवी (पत्नी स्वर्गीय लांस नायक हरीश चंद्र 6 जम्मू और कश्मीर राइफल) जिन्होंने वर्ष 2002 में सियाचिन ग्लेशियर में भारत माता की रक्षा करते हुए अवलाउंच के नीचे दबने से अपना जीवन बलिदान कर दिया था

इसके साथ ही मुख्य अतिथि द्वारा ,सभी उपस्थित सैनिकों और गण मान्य लोगों को भी सम्मानित किया गया ।
क्रोना जैसी महामारी से बचने और बहुत सारी देश हित की बाते मुख्य अतिथि द्वारा कही गई । भारत सरकार द्वारा किए जाने वाले चहु मुखी विकास की जानकारियां बताई गई ।

इसके अतिरिक्त उपस्थित मान्य लोगो में संजय टंडन , बीजेपी उप कार्य भारी प्रभारी हिमाचल प्रदेश , उन्होंने भी सैनिकों को संबोधित किया बहुत सारी बातें देश की प्रगति के विषय में कही, डॉक्टर प्रमोद शर्मा पूर्व भाजपा प्रत्याशी और रवि मेहता जिला अध्यक्ष बीजेपी, इन दोनो ने भी जिला शिमला के पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को देश भक्ति का संदेश दिया । और कारगिल दिवस पर आने का आभार प्रकट किया ।
इस समारोह में भाग लेने वाले, कैप्टन शामलाल शर्मा (प्रेजीडेंट वेटरन इंडिया शिमला एवम् जनरल सेक्रेटरी एक्सरविसमेन वेलफेयर एसोसिएशन) (पी बी ओ आर) , कैप्टन हीरासिंह, कैप्टन मोहन सिंह, , कैप्टन इंदर डोगरा, एसोसिएशन के प्रधान श्री पवन चौहान, दिनेश ठाकुर उप प्रधान वेटरन इंडिया, और अध्यक्ष शिमला ग्रामीण, दयाल ठाकुर, रूप राम चौहान, अनुराधा चेयरमैन , ईश्वर रोहाल प्यार
सिंह कंवर, कुमारी सपना कश्यप, बी डी सी मेंबर धमून और चनोग वार्ड, कमलेश शर्मा,पूर्व भाजपा जिला परिषद प्रत्याशी, हरविंदर सिंह इत्यादि के साथ साथ लगभग 200 से भी अधिक भीड़ एकत्रित हो चुकी थी । सभी ने प्रोपर मास्क पहने हुए थे । कोविंद 19 को मध्य नजर रखते हुए सरकार के आदेशों का भली भांति सख्ती से पालन भी किया गया ।

इसके साथ ही ग्राम पंचायत धमून के, माननीय उप प्रधान बलदेव राज ठाकुर, जो की पहले 2 बार प्रधान भी रह चुके है, धमून पंचायत की टीम और ग्राम निवासियों के सहयोग से पूरे हिमाचल में धमून पंचायत को फर्स्ट आने का अवार्ड्स भी भारत सरकार से प्राप्त हुए है । जो की पंचायत भवन में दर्शित है । ऐसे कर्मठ व्यक्ति भी शामिल थे, बी डी सी मेंबर कुमारी सपना कश्यप ,और काफी सारे इलाकों से प्रधान, उप प्रधान, सिविलियन और सैनिकों के परिवार और यूथ लड़के लड़कियां भी शामिल हुए थे ।
कैप्टन शामलाल शर्मा ने भारत और पाकिस्तान के बीच भयंकर कारगिल युद्ध , की आपबीती कथाओं को बताया,जो की उस समय 14 जम्मू और कश्मीर राइफल्स में सर्विस कर रहे थे ।

कारगिल युद्ध के साक्षी होने के नाते लड़ाई में 22 वर्षो पुरानी यादें सांझा की ।
बताया की दुश्मन धोखे से पाकिस्तानी सैनिकों ,और आतंकवादियों के साथ एल ओ सी पार करके, दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उलंघन करके बटालिक सेक्टर, द्रास सेक्टर, काकसर सेक्टर, की पोस्टों पर कारगिल, काकसर, मास्को बेली, टोटोलिन, बजरंग पोस्ट और ऊंचे ऊंचे 18000 फीट से भी अधिक पहाड़ों की भारतीय इलाके की चोटियों पर धोका बैठ चुका था ।

14 जम्मू और कश्मीर राइफल्स को त्राल इलाके को आतंकवादियों से मुक्त क्रि चुकी थी छांट कर बिना किसी समय गवाएं, 8 माउंटेन डिवीजन से 3 माउंटेन डिवीजन बटालिक सेक्टर इलाके में बजरंग पोस्ट, 18000 फीट से भी ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर काकसर इलाके में दुश्मनों को रोकने ,और पीछे खदेड़ेने का काम दिया गया था । जिसे यूनिट ने बाखूबी हिमत जुनून, जोश और अपनी अनोखी मिलिट्री ट्रेनिंग, पहाड़ियों पर चढ़ने का अनुभव होने के कारण ,निभाया, दुश्मनों के आवागमन के रास्ते बंद किए गए, उनकी हर प्रकार की सप्लाई के रास्ते घेर दिए गए, उनके बैंकर तबाह कर दिए गए उन्हे मार मार कर वापिस हटने को मजबूर कर दिया । दुर्गे माता की जय के नारे पूरे पहाड़ियों पर गूंजे । जहां हमारी 4 कंपनियों ने अलग अलग प्वाइंट की पहाड़ियों पर कब्जा करना था ।

यह लड़ाई इतनी भी आसान नही थी, रसों के सहारे पहाड़ी चढ़ने के उपकरणों द्वारा अपना पूरा सामान लेकर जय गया । उस समय स्नो बूट नही थे, स्नो टेंट नही थे, मोबाइल भी नही होते थे , मात्रा रेडियो सेट पर ही पोस्टों और बेस कैंप से कमान अधिकारी और कंपनी कमांडर्ज का आपसी संपर्क लगातार बना होता था, समय समय से लड़ाई की गतिविधियों को यूनिट कमान अधिकारी और उच्च हेडक्वार्टर में रेडियो सेट द्वारा आदान प्रदान किया जाता था ।
अपनी सभी प्रकार की जरूरतों जैसे दवाइया, राशन, क्लोथिंग, आर्म और अम्यूनिशन, घायलों को नीचे उपर पहुंचाने की यूनिट की वार एस ओ पी के मुताबिक यूनिट का हर एक सैनिक अपनी कंपनी लेवल, प्लाटून लेवल, सेक्शन लेवल की अपनी अपनी ड्यूटी सुचारू रूप से पूरी करना मालूम था ।
हमारे कर्नल ऑफ द रेजिमेंट साहब द्वारा अतिरिक्त 28 राष्ट्रीय राइफल्स ( जैक राइफल्स) की आरआर बटालियन की एक प्लाटून, पारा ट्रूपर्स और कमांडो, की प्लाटून भेजी गई क्युकी पता नही था लड़ाई कितनी चलनी थी और ही तरह से दुश्मनों की संख्या जानकर उनको रोकना और खदेड़ना था ।
आर्म अम्यूनिशन इक्विपमेंट,और जम्मू और कश्मीर राइफल्स की दूसरी यूनिटों से भी ऑफिसर्स, जेसीओ, जवान अटैच किए गए जिससे हमारी अब दुगनी स्ट्रेंथ हो रही थी ।

दुश्मनों की संख्या का सही अनुमान नही हो पा रहा था उपर चढ़ने में लगातार फायर और आर्टिलरी शेलिग से बाधाएं उत्पन हो रही थी ।

स्थिथिया सब कुछ विपरीत होने के बाबजूद भी जवानों मे जनून , हिम्मत, जोश और मातृ भूमि की रक्षा के लिए न्यौछावर होने का हरेक सैनिक के दिल में हौसला और जोश था देश पर एमआर मिटने का भूत स्वर हो गया था । दुर्गा माता की जय का नारा लगा कर फिर से झंडा फरहाने का जुनून था जो पूरा किया गया । ज्ञात रहे की मात्र हमारी यूनिट इंडियन आर्मी के इतिहास में एक ऐसी यूनिट थी जिसने 19 मई 99 से 19 जुलाई 99 तक 18000 फीट से भी अधिक इन पहाड़ियों पर रहना पड़ा था , सीस फायर सबसे पहले हमारी यूनिट ने ही दुश्मनों को खदेड़ने के बाद किया था । ज्ञात रहे की उन पहाड़ियों पर पहले कोई सैनिक टुकड़ी भी नही गई होगी।
भारतीय, हवाई जहाजों की गूंज, उसके बम दहाड़ मचा रहे थे आर्टिलरी तोपें, बोफोर्सेस गनों की सहायता, मीडियम और स्मॉल आर्म्स से तथा ग्रेनेड फायर करके दुश्मनों के इरादों को तोड़ कर रख दिया । उस समय , 25000 से भी अधिक बोफोर्स के बम बरसे थे, दुश्मनों को मार मार कर भारी जान मॉल का नुकसान करके अंत में विजय हमारी हुई ।
*आज इन चोटियों के नाम बिष्ट टॉप, सचित सेड्डल और जिमी टाप के नाम से जानते है ।

कैप्टन शर्मा द्वारा अंत में शपथ पत्र भी पड़ा गया ।

पिता खोता है जवानी
माता देती है कुरबानी
(किसी से पूछना ,फौजियों के बच्चे ऐसे ही बड़े नही हो जाते ।
आज के यूथ को भी कहना चाहता हूं की ,नशे बिशे जैसी आदतें न अपनाएं, देश भक्ति का जुनून रखे, एन सीसी इत्यादि की ट्रेनिंग ले, लूहाना अकादमी, जैसी भर्ती अकादमी जो ऊना में है बच्ची बच्चो ( लड़के और लड़कियों )भेजें । लड़कियों की कोई फीस भी नही ली जाती, जैसी ऐसी जगह पर मिलिट्री, पुलिस, पैरा मिलिट्री फोर्स, इत्यादि और भी प्राइवेट बहुत सारी अकादमियां है जगह जगह पर भर्ती की ट्रेनिंग देते है ।

सरकार ने महिलाओं को भी मिलिट्री पुलिस जैसे ऑफिसर्स रैंक से नीचे भर्ती के रास्ते खोल कर भर्तियां शुरू कर दिया है और पहला बैच भी निकल चुका है । ऑफिसर्स कमीशन के लिए भी तैयार बने ।

भारत सरकार से पूर्व सैनिक संगठनों का सदर निवेदन है की सभी वार वॉरियर्स को फ्री डम फाइटर जैसी सुविधाएं प्रदान की जाए ।

यह भी संदेश देना चाहता हूं की लड़ाई कभी नही होनी चाहिए, जितना हो से उसे टालना चाहिए, बेकसूर लोग भी मरते है, औरते विधवाएं हो जाती है, देश को भारी जान मल का नुकसान झेलना पड़ता है, देश की इकोनॉमी पीछे हटना है लेकिन फिर भी न माने तो ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए ।

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